लवलीना ने एशियन गेम्स में पहला गोल्ड जीता: मैरी कॉम के बाद सोना जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर; भारत 12 स्वर्ण के साथ नंबर-6 पर
भारत की स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। लवलीना ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की बाओ ज़ीई (Ziyi Bao) को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वह एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं।
लवलीना के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले उन्होंने 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में इसी प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता था। इस बार उन्होंने सिल्वर का रंग बदलकर गोल्ड कर दिया। उनकी जीत के साथ भारत के एशियन गेम्स 2026 में 12 गोल्ड, 24 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज यानी कुल 70 मेडल हो गए और भारत मेडल टैली में छठे स्थान पर पहुंच गया।
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लवलीना ने बाओ ज़ीई को हराकर जीता गोल्ड
लवलीना बोरगोहेन और चीन की बाओ ज़ीई के बीच महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग का फाइनल निशियो जिम्नेजियम में खेला गया। मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन भारतीय बॉक्सर ने दबाव के बीच अपना संयम बनाए रखा और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ लवलीना ने अपने एशियन गेम्स अभियान को गोल्ड मेडल के साथ खत्म किया। इससे पहले वह हांगझोउ में सिल्वर जीत चुकी थीं।
भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, लवलीना की यह जीत भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 का 12वां गोल्ड भी बनी।
मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर
लवलीना की इस उपलब्धि का सबसे बड़ा रिकॉर्ड यह है कि वह एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं।
इससे पहले यह उपलब्धि महान भारतीय बॉक्सर एमसी मैरी कॉम के नाम थी। मैरी कॉम ने एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर भारतीय महिला बॉक्सिंग के लिए नया मुकाम बनाया था।
अब लवलीना ने भी इस विशेष सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह पहले ही ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
2022 में सिल्वर, अब गोल्ड
लवलीना का एशियन गेम्स सफर पहले भी मेडल जीतने वाला रहा है। हांगझोउ 2022 में उन्होंने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था।
उस समय गोल्ड से चूकने के बाद इस बार उनके पास बेहतर प्रदर्शन करने का मौका था। उन्होंने टूर्नामेंट में लगातार मुकाबले जीतते हुए फाइनल तक जगह बनाई और अंतिम मुकाबले में भी जीत दर्ज की।
इस तरह तीन साल बाद एशियन गेम्स में उनका मेडल सिल्वर से गोल्ड में बदल गया।
सेमीफाइनल में कजाखस्तान की बॉक्सर को हराया था
गोल्ड मेडल तक पहुंचने के लिए लवलीना को सेमीफाइनल में कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा की चुनौती का सामना करना पड़ा था।
यह मुकाबला बेहद करीबी रहा। लवलीना ने बोगदानोवा को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स में लगातार दो फाइनल खेलने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर भी बनी थीं। इससे पहले वह 2022 में फाइनल तक पहुंचकर सिल्वर जीत चुकी थीं।
शुरुआती राउंड के बाद की थी वापसी
बोगदानोवा के खिलाफ सेमीफाइनल में लवलीना के लिए मुकाबला आसान नहीं रहा। उन्हें शुरुआती राउंड में चुनौती मिली, लेकिन भारतीय बॉक्सर ने इसके बाद वापसी की।
दूसरे राउंड में उन्होंने पांचों जजों का समर्थन हासिल किया और मुकाबले को अपने पक्ष में मोड़ा। अंतिम नतीजा 3-2 रहा।
यह जीत उनकी मानसिक मजबूती और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण रही।
लवलीना का अंतरराष्ट्रीय करियर
लवलीना बोरगोहेन भारत की अनुभवी महिला बॉक्सरों में शामिल हैं। वह टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। इसके अलावा वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी भारत के लिए पदक जीत चुकी हैं।
2023 में उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। एशियन गेम्स में भी उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
2026 में एशियन गेम्स से पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था।
इस लिहाज से 2026 का एशियन गेम्स गोल्ड उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है।
भारत के खाते में आया 12वां गोल्ड
लवलीना की जीत का असर सिर्फ बॉक्सिंग तक सीमित नहीं रहा। उनके गोल्ड के साथ भारत ने एशियन गेम्स 2026 में अपना 12वां स्वर्ण पदक पूरा किया।
2 अक्टूबर की स्थिति में भारत के खाते में:
- 12 गोल्ड
- 24 सिल्वर
- 34 ब्रॉन्ज
- कुल 70 मेडल
हो गए थे। भारत मेडल टैली में छठे स्थान पर पहुंच गया था।
भारत ने इन खेलों में कई अलग-अलग खेलों में पदक जीते हैं। बॉक्सिंग के अलावा आर्चरी, शूटिंग, कबड्डी, क्रिकेट, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए हैं।
भारतीय बॉक्सिंग का प्रदर्शन भी बेहतर हुआ
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सरों का प्रदर्शन पिछले संस्करण की तुलना में बेहतर रहा है।
लवलीना के अलावा प्रिया घंघस और कपिल पोखरियाल ने सेमीफाइनल में हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। इसके साथ ही भारतीय बॉक्सिंग टीम के पदकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई।
लवलीना के अलावा परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल भी गोल्ड मेडल मुकाबलों में पहुंचे थे। यानी भारत के पास बॉक्सिंग में एक से ज्यादा गोल्ड जीतने के अवसर मौजूद रहे।
लवलीना के लिए क्यों खास है यह गोल्ड?
लवलीना के लिए यह गोल्ड कई वजहों से महत्वपूर्ण है। सबसे पहले उन्होंने हांगझोउ में जीते सिल्वर मेडल को गोल्ड में बदला।
दूसरा, वह मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गईं।
तीसरा, यह उपलब्धि उनके उस अंतरराष्ट्रीय सफर को और मजबूत करती है जिसमें वह ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
2026 एशियन गेम्स का गोल्ड उनके प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पदकों के संग्रह में एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है।
जन्मदिन पर मिली बड़ी कामयाबी
लवलीना के लिए यह दिन एक और वजह से खास रहा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 अक्टूबर उनका जन्मदिन भी है, और इसी दिन उन्होंने एशियन गेम्स गोल्ड जीतकर इसे यादगार बना दिया।
यानी अपने जन्मदिन पर गोल्ड मेडल जीतना उनके करियर के खास पलों में शामिल हो गया।
भारत के लिए अभी और मेडल की उम्मीद
एशियन गेम्स 2026 का अंतिम चरण चल रहा है और भारत के कई खिलाड़ी अभी भी पदक मुकाबलों में हैं।
महिला हॉकी टीम भी गोल्ड मेडल मुकाबले में चीन के खिलाफ उतर रही है। इसके अलावा बॉक्सिंग, कुश्ती, आर्चरी और अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों की चुनौती जारी है।
इसलिए भारत की मेडल संख्या में आगे और इजाफा हो सकता है। फिलहाल लवलीना का गोल्ड भारत के लिए 2 अक्टूबर के सबसे खास नतीजों में शामिल है।
निष्कर्ष
लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स में पहली बार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। चीन की बाओ ज़ीई को हराकर उन्होंने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इसके साथ ही वह मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गईं। 2022 में सिल्वर जीतने के बाद लवलीना ने इस बार अपने पदक का रंग बदल दिया।
उनकी जीत के साथ भारत के खाते में 12 गोल्ड समेत कुल 70 मेडल हो गए और देश मेडल टैली में छठे स्थान पर पहुंच गया।
