महिला टीचर को परेशान करने पर शिक्षक सस्पेंड, जांच समिति ने माना दोषी
राजस्थान: महिला शिक्षक को कथित तौर पर परेशान करने के मामले में शिक्षा विभाग ने एक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की है। विभागीय जांच के बाद गठित समिति ने शिक्षक को मामले में दोषी पाया, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक को बारां में अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी होगी।
मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई गई थी। जांच समिति ने शिकायत और उपलब्ध तथ्यों की जांच के बाद शिक्षक की भूमिका को जिम्मेदार माना। इसके बाद संबंधित विभाग की ओर से निलंबन की कार्रवाई की गई।
महिला टीचर ने की थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, महिला शिक्षक ने संबंधित शिक्षक के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी। शिकायत में महिला टीचर को परेशान करने और अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए गए थे।
शिकायत मिलने के बाद मामले को विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया और जांच के लिए समिति गठित की गई। समिति ने शिकायत से जुड़े तथ्यों, संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की।
जांच पूरी होने के बाद समिति ने शिक्षक को दोषी माना। इसके आधार पर विभाग ने निलंबन का आदेश जारी किया।
जांच समिति ने पाया दोषी
मामले की जांच के लिए गठित समिति ने दोनों पक्षों से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच प्रक्रिया के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की गई।
समिति की रिपोर्ट में शिक्षक की भूमिका को दोषपूर्ण पाए जाने के बाद विभाग ने उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। इसके बाद शिक्षक को निलंबित कर दिया गया।
यह कार्रवाई विभागीय नियमों के तहत की गई है। निलंबन के बाद शिक्षक अपने नियमित पद पर कार्य नहीं कर सकेगा और उसे विभाग द्वारा निर्धारित स्थान पर उपस्थिति देनी होगी।
निलंबन अवधि में बारां में देनी होगी उपस्थिति
निलंबन आदेश के अनुसार शिक्षक को निलंबन अवधि के दौरान बारां में उपस्थित होना होगा। इसका मतलब है कि निलंबन के दौरान उसकी मुख्यालय/उपस्थिति बारां में निर्धारित की गई है।
निलंबन की अवधि में कर्मचारी को विभागीय आदेश के अनुसार निर्धारित स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी होती है। इस दौरान विभाग की ओर से जारी अन्य निर्देशों का भी पालन करना पड़ता है।
विभागीय कार्रवाई से सामने आया सख्त संदेश
शिक्षा विभाग में कार्यस्थल पर कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार से जुड़ी शिकायतों को लेकर विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की व्यवस्था है।
इस मामले में शिकायत के बाद जांच समिति गठित करना और जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को निलंबित करना विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा रहा। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि शिकायत मिलने के बाद विभाग मामले की जांच कर कार्रवाई कर सकता है।
हालांकि, निलंबन एक विभागीय कार्रवाई है और मामले से जुड़े आगे के प्रशासनिक या कानूनी कदम संबंधित प्रक्रिया के अनुसार तय होंगे।
आगे की कार्रवाई विभागीय नियमों के अनुसार
शिक्षक के निलंबन के बाद मामले में आगे की कार्रवाई विभागीय नियमों के अनुसार जारी रह सकती है। निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक को बारां में उपस्थिति देनी होगी और विभाग के निर्देशों का पालन करना होगा।
मामले में जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। आगे विभाग की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
महिला शिक्षक की शिकायत और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई के बाद अब निलंबित शिक्षक के खिलाफ विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
