
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद पहली तस्वीर आई सामने: हाथ-सीने पर पट्टियां दिखीं; CCTV में 2 संदिग्ध, अंधेरी स्टेशन के पास बाइक मिली
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग की घटना के बाद पुलिस जांच तेज हो गई है। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को अभिनेता की पहली तस्वीरें सामने आईं, जिनमें उनके हाथ, कंधे और सीने पर पट्टियां दिखाई दीं। इस बीच, CCTV फुटेज में फायरिंग में शामिल होने के संदेह वाले दो लोगों की तस्वीरें सामने आई हैं। पुलिस को वारदात में इस्तेमाल होने का संदेह वाली एक मोटरसाइकिल अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास मिली है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना रविवार शाम हुई थी, जब टाइगर श्रॉफ जुहू के पुष्पा नरसी पार्क के पास से निकल रहे थे। हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और उनकी कार पर गोलियां चलाईं। अभिनेता को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर है। मामले में पुलिस ने कई टीमें लगाई हैं और CCTV फुटेज के जरिए हमलावरों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा रहा है।
हाथ और सीने पर पट्टियों के साथ दिखे टाइगर श्रॉफ
फायरिंग के बाद टाइगर श्रॉफ की पहली तस्वीरें सामने आने पर उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई। तस्वीरों में उनके दाहिने हाथ पर पट्टी और कंधे तथा सीने पर ड्रेसिंग दिखाई दी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अभिनेता और उनके पिता जैकी श्रॉफ से मिलने पहुंचे थे। इसी मुलाकात के दौरान टाइगर की तस्वीरें सामने आईं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता को बारूद और कांच के टुकड़ों से मामूली चोटें आईं। उन्हें चिकित्सकीय जांच के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उन्हें गोली नहीं लगी।
टाइगर के ड्राइवर को गोली लगने की खबर सामने आई है। घटनास्थल के पास मौजूद एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की भी रिपोर्ट है। घायलों के उपचार और उनकी स्थिति से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट को प्राथमिकता देना जरूरी है।
जुहू में रविवार शाम करीब 7 बजे हुई फायरिंग
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, फायरिंग रविवार शाम करीब 7 बजे जुहू स्थित पुष्पा नरसी पार्क के आसपास हुई। टाइगर श्रॉफ वहां फुटबॉल खेलने के बाद अपनी कार से निकल रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार हमलावर वहां पहुंचे और उनकी BMW कार पर कई राउंड फायरिंग की।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती रिपोर्टों में गोलियों की संख्या अलग-अलग बताई गई है; कुछ रिपोर्टों में चार, जबकि अन्य में पांच या सात राउंड का जिक्र है। इसलिए अंतिम संख्या के लिए पुलिस की आधिकारिक जानकारी को आधार बनाना उचित होगा।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या हमलावरों को अभिनेता के वहां आने-जाने की दिनचर्या की पहले से जानकारी थी। अधिकारियों को संदेह है कि आरोपियों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की हो सकती है। यह अभी जांच का हिस्सा है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
CCTV में दिखे दो संदिग्ध
जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज में दो ऐसे लोगों की तस्वीरें मिली हैं, जिन पर फायरिंग में शामिल होने का संदेह है। तस्वीरों में दोनों सफेद शर्ट पहने दिखाई देते हैं। उनमें से एक ने काली टोपी पहन रखी है।
पुलिस इन तस्वीरों की मदद से संदिग्धों की पहचान करने और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है। केवल कपड़ों या तस्वीरों के आधार पर किसी व्यक्ति की पहचान या अपराध में उसकी भूमिका की पुष्टि नहीं की जा सकती। जांच एजेंसियों को दूसरे CCTV कैमरों, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों से जानकारी मिलानी होगी।
मामले की जांच के लिए मुंबई पुलिस ने कई टीमों को लगाया है। कुछ रिपोर्टों में 15 टीमों के गठन की जानकारी दी गई है। पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए फायरिंग के पीछे के मकसद और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास मिली बाइक
पुलिस की जांच में एक अहम सुराग मोटरसाइकिल के रूप में सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, हमलावर वारदात के बाद मोटरसाइकिल से भागे और उसे अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के बाहर छोड़ दिया। पुलिस ने वहां से बाइक बरामद की है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मोटरसाइकिल किसके नाम पर है, उसका इस्तेमाल किसने किया और वारदात के बाद संदिग्ध किस दिशा में गए। स्टेशन और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज की जांच से उनके आगे के रास्ते के बारे में जानकारी मिल सकती है।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में कहा गया कि अभी किसी को हिरासत में नहीं लिया गया। इसलिए संदिग्धों की गिरफ्तारी या हिरासत की स्थिति पर पुलिस की स्पष्ट पुष्टि आने तक इसे अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने जिम्मेदारी ली?
फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आने की खबर है, जिसमें कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। कुछ रिपोर्टों में अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम भी सामने आए हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए दावे को पुलिस ने स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया है। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि फायरिंग किसी खास गैंग ने ही कराई। पुलिस हमले के मकसद, संभावित धमकियों और संदिग्धों के संपर्कों की जांच कर रही है।
इस मामले में किसी गैंग की भूमिका तभी पुष्ट मानी जा सकती है, जब जांच एजेंसियां पर्याप्त सबूतों के आधार पर इसकी पुष्टि करें। वायरल पोस्ट या अपुष्ट दावे को आधिकारिक निष्कर्ष नहीं समझना चाहिए।
एकनाथ शिंदे ने टाइगर और जैकी श्रॉफ से मुलाकात की
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टाइगर श्रॉफ और उनके पिता जैकी श्रॉफ से मुलाकात कर अभिनेता की सेहत का हाल जाना। उन्होंने घटना पर चिंता जताई और कहा कि मुंबई में इस तरह की धमकी या हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस का ध्यान फिलहाल संदिग्धों की पहचान, इस्तेमाल की गई बाइक, CCTV फुटेज और फायरिंग के कारण का पता लगाने पर है।
बॉलीवुड से जुड़ी अन्य खबरों के लिए Bulletino की नाना पाटेकर से संबंधित मनोरंजन रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं।
पुलिस जांच में अब किन बातों पर नजर?
फिलहाल जांच में कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं:
- फायरिंग करने वाले संदिग्धों की पहचान क्या है?
- वारदात में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल किसकी है?
- क्या हमलावरों ने पहले से इलाके की रेकी की थी?
- फायरिंग के पीछे क्या वजह थी?
- सोशल मीडिया पर गैंग की जिम्मेदारी लेने वाला दावा वास्तविक है या नहीं?
इन सवालों के जवाब CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और पुलिस की जांच से सामने आ सकते हैं।
निष्कर्ष: टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में CCTV से दो संदिग्धों की तस्वीरें सामने आई हैं और अंधेरी वेस्ट स्टेशन के पास बाइक मिलने की खबर है। अभिनेता को गोली नहीं लगी, हालांकि उनके हाथ और सीने पर पट्टियां दिखाई दीं। संदिग्धों की पहचान, हिरासत और हमले के पीछे की वजह की पुष्टि होने तक मामले में पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।