
अजय देवगन की जुहू प्रॉपर्टी पर BMC की कार्रवाई: कथित अवैध निर्माण के हिस्से तोड़े गए; एक्टर की टीम ने दी सफाई
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की मुंबई के जुहू इलाके में स्थित एक प्रॉपर्टी को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की कार्रवाई चर्चा में है। नगर निगम ने कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति किए गए निर्माण के कुछ हिस्सों को हटाया। शुरुआत में इस कार्रवाई को अभिनेता के बंगले पर बुलडोजर या तोड़फोड़ की कार्रवाई के रूप में रिपोर्ट किया गया, लेकिन बाद में अजय देवगन की टीम ने स्पष्ट किया कि जिस प्रॉपर्टी पर कार्रवाई हुई, वह उनका रहने वाला घर नहीं है। यह उनकी दूसरी संपत्ति है, जिसे किराये पर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, BMC ने सितंबर 2026 में निर्माण कार्य रोकने के लिए नोटिस जारी किया था। नगर निगम का कहना था कि संपत्ति पर किए जा रहे बदलावों के लिए आवश्यक मंजूरी से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इस मामले में अजय देवगन की टीम ने भी अपना पक्ष रखा है और कहा है कि BMC के नियमों तथा निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
किस प्रॉपर्टी पर हुई कार्रवाई?
यह संपत्ति मुंबई के जुहू क्षेत्र की कपोल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में स्थित बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार, संपत्ति अजय देवगन और उनकी मां वीणा देवगन के नाम पर है। इस जगह पर अंदरूनी बदलाव, पार्टिशन वॉल, खिड़कियों और अन्य निर्माण संबंधी काम किए जाने की बात सामने आई थी।
BMC का पक्ष है कि संबंधित निर्माण कार्य के लिए जरूरी अनुमति के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी आधार पर नगर निगम ने निर्माण को अनधिकृत मानते हुए कार्रवाई की। हालांकि, इस मामले को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि कार्रवाई संपत्ति के कुछ हिस्सों पर हुई थी, न कि अभिनेता के पूरे घर को गिरा दिया गया।
BMC ने कब जारी किया था नोटिस?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, BMC ने 10 सितंबर 2026 को मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट की धारा 354A के तहत काम रोकने का नोटिस जारी किया था। नोटिस में निर्माण कार्य तत्काल रोकने और संबंधित अनुमति तथा दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद 6 अक्टूबर को नगर निगम के संबंधित वार्ड कार्यालय ने संपत्ति मालिकों की ओर से दिए गए जवाब पर आदेश जारी किया। रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि जवाब के साथ निर्माण को अधिकृत साबित करने वाले आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इसके बाद संपत्ति के कथित अनधिकृत हिस्सों को हटाने की कार्रवाई की गई।
BMC की कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्टों में बताया गया कि निर्माण कार्य जारी रहने और आवश्यक मंजूरी प्रस्तुत न किए जाने को लेकर नगर निगम ने कदम उठाया। इस मामले में प्रॉपर्टी के इस्तेमाल और किए गए बदलावों से संबंधित मुद्दे भी चर्चा में आए हैं।
अजय देवगन की टीम ने क्या कहा?
कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद अजय देवगन की टीम ने स्पष्टीकरण जारी किया। टीम के अनुसार, जिस संपत्ति को लेकर खबरें सामने आई हैं, वह अजय देवगन का निजी आवास नहीं है, बल्कि उनकी दूसरी प्रॉपर्टी है, जिसे किराये पर दिया गया है।
टीम ने कहा कि संबंधित संपत्ति के लिए BMC से जरूरी अनुमतियां लेने की प्रक्रिया अपनाई गई है और नगर निगम के लागू नियमों, विनियमों तथा दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। बयान में यह भी कहा गया कि BMC की ओर से अपेक्षित बदलाव और संशोधन कर दिए गए हैं।
इस स्पष्टीकरण के बाद यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शुरुआती खबरों में जिस तरह अभिनेता के बंगले पर कार्रवाई की बात कही गई थी, उससे उनके रहने वाले घर को लेकर भ्रम पैदा हो सकता था। टीम ने इसी अंतर को स्पष्ट किया है।
प्रॉपर्टी किराये पर देने को लेकर भी उठा सवाल
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, संपत्ति को एक सैलून कंपनी को किराये पर दिए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि आवासीय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों और निर्माण संबंधी बदलावों को लेकर हाउसिंग सोसायटी की ओर से आपत्तियां उठाई गई थीं।
ऐसे मामलों में संपत्ति किराये पर देने की अनुमति और वहां व्यावसायिक इस्तेमाल करने की मंजूरी अलग-अलग मुद्दे हो सकते हैं। किसी सोसायटी की ओर से किराये पर देने पर आपत्ति न होना अपने आप में हर तरह के निर्माण या उपयोग की अनुमति का प्रमाण नहीं होता। संबंधित नियमों और दस्तावेजों के आधार पर ही यह तय होता है कि किसी बदलाव या व्यावसायिक गतिविधि के लिए अलग मंजूरी जरूरी है या नहीं।
हालांकि, इस मामले में अलग-अलग पक्षों के दावों को समझने के लिए BMC के आदेश, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अजय देवगन की टीम के बयान को साथ में देखना जरूरी है।
क्या अजय देवगन के घर को गिराया गया?
इस सवाल पर अभिनेता की टीम का जवाब स्पष्ट है। टीम ने कहा है कि कार्रवाई उनके रहने वाले घर पर नहीं, बल्कि जुहू में स्थित दूसरी किराये की प्रॉपर्टी पर हुई है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि अजय देवगन के पूरे आवास को गिरा दिया गया।
BMC की ओर से कथित अनधिकृत निर्माण के कुछ हिस्सों को हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर, टीम का कहना है कि आवश्यक बदलाव किए गए हैं और नियमों का पालन किया जा रहा है। इन दोनों पक्षों को ध्यान में रखकर ही खबर को समझना चाहिए।
आगे क्या?
यह मामला मुंबई में निर्माण अनुमति, आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल और हाउसिंग सोसायटी के नियमों से जुड़े सवालों को सामने लाता है। BMC की कार्रवाई का आधार कथित तौर पर आवश्यक मंजूरियों से जुड़े दस्तावेजों का प्रस्तुत नहीं होना था, जबकि अभिनेता की टीम ने नियमों के पालन और जरूरी बदलाव किए जाने की बात कही है।
फिलहाल, खबर का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि BMC ने जुहू स्थित अजय देवगन से जुड़ी एक प्रॉपर्टी के कुछ हिस्सों पर कार्रवाई की और उनकी टीम ने स्पष्ट किया कि वह अभिनेता का रहने वाला घर नहीं है। मामले में नगर निगम के रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के आधार पर ही आगे की जानकारी को अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।
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