
पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई के लिए मार्च: खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद के लिए निकले हजारों लोग, हाईवे और राजधानी के रास्ते सील
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने लंबा मार्च शुरू कर दिया है। 4 अक्टूबर को खैबर पख्तूनख्वा से शुरू हुआ यह मार्च इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है। शुरुआती चरण में 5 हजार से अधिक समर्थकों के मार्च में शामिल होने की रिपोर्ट सामने आई है।
PTI का यह प्रदर्शन सरकार और पार्टी के बीच बातचीत विफल होने के बाद शुरू हुआ। पार्टी समर्थक इमरान खान की रिहाई के अलावा उन्हें अस्पताल में इलाज की सुविधा देने और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की अनुमति देने जैसी मांगें भी उठा रहे हैं।
खैबर पख्तूनख्वा से शुरू हुआ मार्च
इमरान खान की पार्टी का मार्च खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवात इलाके से शुरू हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में PTI समर्थक वाहनों के काफिले के साथ आगे बढ़े।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी भी मार्च से जुड़े कार्यक्रम में पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार मार्च में प्रांत के अलग-अलग जिलों से आने वाले समर्थकों के काफिले शामिल हो रहे हैं।
PTI नेतृत्व ने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने और कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है। पार्टी की ओर से इसे इमरान खान की रिहाई के लिए राजनीतिक संघर्ष बताया जा रहा है।
इस्लामाबाद की तरफ बढ़ रहा काफिला
मार्च के आयोजकों ने कई पड़ाव तय किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार काफिला खैबर पख्तूनख्वा के अलग-अलग इलाकों से गुजरते हुए आगे बढ़ेगा और बाद में इस्लामाबाद की ओर जाने की योजना है।
PTI के कार्यक्रम के मुताबिक रास्ते में अलग-अलग जिलों से समर्थकों के काफिले मार्च में शामिल होंगे। 8 अक्टूबर तक खैराबाद पहुंचने की योजना बताई गई है, जहां मार्च के अगले चरण की घोषणा किए जाने की बात कही गई है।
इसका मतलब है कि प्रदर्शन तत्काल एक दिन में खत्म होने वाला कार्यक्रम नहीं है, बल्कि PTI ने इसे कई दिनों की राजनीतिक गतिविधि के रूप में आयोजित किया है।
इस्लामाबाद में कंटेनर लगाकर रास्ते बंद
प्रदर्शनकारियों को राजधानी तक पहुंचने से रोकने के लिए पाकिस्तान सरकार ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।
इस्लामाबाद की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर शिपिंग कंटेनर लगाए गए हैं। कई स्थानों पर सड़कों और हाईवे को अवरुद्ध किया गया है। राजधानी के महत्वपूर्ण सरकारी इलाकों की ओर जाने वाले रास्तों पर भी बैरिकेडिंग की गई है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की इस व्यवस्था का असर केवल प्रदर्शन पर ही नहीं बल्कि पाकिस्तान के परिवहन और माल ढुलाई नेटवर्क पर भी पड़ा है। कई कंटेनरों को बैरिकेड बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी परेशानी की स्थिति बनी है।
राजधानी में भारी सुरक्षा तैनात
इस्लामाबाद में प्रदर्शन के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इससे पहले की रिपोर्टों में राजधानी और उसके आसपास करीब 35 हजार अतिरिक्त पुलिस और पैरामिलिट्री कर्मियों की तैनाती की जानकारी सामने आई थी।
सरकार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी संभावित हिंसा को रोकने के लिए की गई है। इससे पहले इमरान खान के समर्थकों के कई बड़े प्रदर्शनों में हिंसक झड़पें हो चुकी हैं।
सरकार और PTI के बीच बातचीत रही नाकाम
मार्च से पहले सरकार और PTI के बीच इसे रोकने को लेकर बातचीत हुई थी। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत में कोई सहमति नहीं बन सकी।
इसके बाद PTI ने मार्च को आगे बढ़ाने का फैसला किया। पार्टी की ओर से कहा गया कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं दी।
दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार का कहना है कि राजधानी में सार्वजनिक सड़कों और महत्वपूर्ण स्थानों पर कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी प्रदर्शनकारियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
इमरान खान की रिहाई मुख्य मांग
PTI के इस मार्च का सबसे प्रमुख मुद्दा इमरान खान की रिहाई है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनके खिलाफ कई मामलों में कानूनी प्रक्रिया चलती रही है।
उनकी पार्टी लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि उनके खिलाफ मामले राजनीतिक कारणों से चलाए जा रहे हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार और संबंधित संस्थाएं इन आरोपों को स्वीकार नहीं करतीं।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार इमरान खान के समर्थक उनकी रिहाई के साथ-साथ उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा देने की मांग भी कर रहे हैं। पार्टी उनके स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताती रही है।
इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर भी उठ रही मांग
PTI ने इमरान खान को अस्पताल में इलाज और उनके निजी डॉक्टरों को जांच की अनुमति देने की मांग उठाई है। पार्टी उनके दाहिने आंख से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या को लेकर चिंता जताती रही है।
वहीं सरकार का कहना है कि इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति ठीक है और जेल में उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। दोनों पक्षों के दावों के बीच यह मुद्दा भी मार्च की प्रमुख मांगों में शामिल है।
कई इलाकों में धारा 144 लागू
मार्च को देखते हुए खैबर पख्तूनख्वा के कई जिलों में धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाए गए हैं। कुछ क्षेत्रों में लोगों और वाहनों की आवाजाही पर भी निर्धारित समय के लिए रोक लगाई गई है।
Dawn की रिपोर्ट के अनुसार डेरा इस्माइल खान, टैंक, हंगू और दक्षिण वजीरिस्तान के कुछ इलाकों में अलग-अलग अवधि के लिए प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इन प्रतिबंधों में कुछ मार्गों पर वाहनों और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को इन आदेशों का आधार बताया गया है।
क्या 2 हजार लोग गिरफ्तार हुए?
आपके दिए headline में 2 हजार गिरफ्तार होने की बात कही गई है, लेकिन 4-5 अक्टूबर की उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में मुझे इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली।
इसलिए इसे अभी पुष्ट तथ्य के रूप में लिखना उचित नहीं होगा। ताजा रिपोर्टों में पहले से PTI कार्यकर्ताओं और इमरान खान के समर्थकों की गिरफ्तारियों का उल्लेख जरूर मिलता है, लेकिन मौजूदा मार्च के दौरान “2 हजार गिरफ्तार” का स्पष्ट और विश्वसनीय आंकड़ा सामने नहीं आया है।
पहले भी हो चुके हैं बड़े प्रदर्शन
इमरान खान की पार्टी और सरकार के बीच तनाव नया नहीं है। 2024 में भी PTI समर्थकों ने बड़ा प्रदर्शन किया था, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं।
इसी पिछली घटनाओं को देखते हुए पाकिस्तान सरकार इस बार राजधानी में प्रदर्शनकारियों के प्रवेश को लेकर पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रही है। राजधानी की प्रमुख सड़कों पर कंटेनर लगाए जाने का एक कारण संभावित टकराव को रोकना भी बताया गया है।
पाकिस्तान में बढ़ सकता है राजनीतिक तनाव
इमरान खान की लोकप्रियता और PTI के मजबूत राजनीतिक आधार के कारण उनका जेल में रहना पाकिस्तान की राजनीति का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
मार्च के इस कार्यक्रम के जरिए PTI सरकार पर इमरान खान की रिहाई के लिए दबाव बढ़ाना चाहती है। दूसरी ओर सरकार राजधानी की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कर रही है।
अगर मार्च बड़ी संख्या में इस्लामाबाद पहुंचता है तो आने वाले दिनों में सरकार और PTI के बीच तनाव बढ़ सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों के रुख में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।
आगे क्या होगा?
PTI की योजना के अनुसार मार्च आने वाले दिनों में खैबर पख्तूनख्वा के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए आगे बढ़ेगा। 8 अक्टूबर को खैराबाद में बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की योजना बताई गई है। इसके बाद मार्च के अगले चरण की जानकारी दी जाएगी।
वहीं पाकिस्तान सरकार राजधानी में प्रदर्शनकारियों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा और बैरिकेडिंग जारी रख सकती है।
फिलहाल इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर शुरू हुआ यह मार्च पाकिस्तान की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद तक पहुंच पाते हैं या सरकार की सुरक्षा व्यवस्था के कारण उनका रास्ता रोका जाता है।
निष्कर्ष: पाकिस्तान में इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर PTI समर्थकों ने खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद की ओर मार्च शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में 5 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की रिपोर्ट है। सरकार ने राजधानी के रास्तों पर कंटेनर और भारी सुरक्षा तैनात की है। सरकार और PTI के बीच बातचीत विफल होने के बाद यह प्रदर्शन शुरू हुआ है और आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजनीति पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
