
पाकिस्तान से हॉकी में गले मिला भारत, क्रिकेट में नो-हैंडशेक: वित्या ने पीटी उषा का रिकॉर्ड तोड़ा, 44 साल बाद विमेंस हॉकी में गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारत और पाकिस्तान की खेल प्रतिद्वंद्विता के बीच अलग-अलग खेलों में अलग तस्वीर देखने को मिली। एक तरफ पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को बेहद रोमांचक मुकाबले में 4-3 से हराया और मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिलाते और गले मिलते नजर आए। दूसरी तरफ क्रिकेट के फाइनल में भारत और पाकिस्तान के कप्तानों के बीच टॉस के दौरान पारंपरिक हैंडशेक नहीं हुआ।
इसी एशियन गेम्स में भारत की महिला हॉकी टीम ने भी इतिहास रच दिया। टीम ने चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीता। इसके साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालिफाई किया।
एथलेटिक्स में भी भारत के लिए बड़ी खबर आई। वित्या रामराज ने महिला 400 मीटर हर्डल्स में 54.75 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता और पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया।
भारत-पाकिस्तान हॉकी सेमीफाइनल में दिखी खेल भावना
भारत और पाकिस्तान के बीच पुरुष हॉकी का सेमीफाइनल एशियन गेम्स के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक रहा। भारत ने शुरुआत में 3-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन पाकिस्तान ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर 3-3 कर दिया।
मुकाबला बराबरी पर पहुंचने के बाद आखिरी मिनटों में रोमांच और बढ़ गया। भारत के अभिषेक ने अंतिम समय में गोल करके टीम को 4-3 की जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारत ने फाइनल में जगह बनाई।
मुकाबला खत्म होने के बाद मैदान का माहौल पूरी तरह बदल गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और गले मिलकर खेल भावना का परिचय दिया। भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच मैच से पहले भी अभिवादन और हाथ मिलाने का दृश्य देखने को मिला था।
यह तस्वीर इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि इसी एशियन गेम्स में क्रिकेट मुकाबले के दौरान भारत-पाकिस्तान खिलाड़ियों के बीच पारंपरिक हैंडशेक नहीं हुआ।
क्रिकेट में टॉस के दौरान नहीं हुआ हैंडशेक
भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स के क्रिकेट फाइनल में भी दोनों टीमों के कप्तान आमने-सामने थे। टॉस के दौरान भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर और पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान के बीच पारंपरिक हैंडशेक नहीं हुआ।
रिपोर्टों के अनुसार, अय्यर ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबलों में हैंडशेक को लेकर यह स्थिति पहले भी देखी जा चुकी है। 2025 के एशिया कप के बाद दोनों टीमों के बीच कई मुकाबलों में पारंपरिक हैंडशेक नहीं हुआ था।
इस तरह एक ही एशियन गेम्स में हॉकी और क्रिकेट में भारत-पाकिस्तान मुकाबलों के बाद खिलाड़ियों के व्यवहार की दो अलग तस्वीरें देखने को मिलीं।
महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद जीता गोल्ड
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल का इंतजार खत्म कर दिया। फाइनल में भारत का सामना चीन से हुआ। भारतीय टीम ने मुकाबला 1-0 से अपने नाम किया।
भारत की ओर से लालरेम्सियामी ने निर्णायक गोल किया। गोलकीपर सविता पूनिया ने भी मैच के महत्वपूर्ण चरण में शानदार बचाव किया। चीन को पेनल्टी स्ट्रोक से बराबरी करने का मौका मिला था, लेकिन सविता ने शानदार सेव करके भारत की बढ़त बरकरार रखी।
यह भारत का महिला हॉकी में एशियन गेम्स का पहला गोल्ड 1982 के बाद आया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन भी हासिल किया।
महिला हॉकी में 44 साल का इंतजार
भारत ने इससे पहले 1982 के एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद टीम को एशियन गेम्स में फिर से शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
2026 में चीन के खिलाफ फाइनल में मिली 1-0 की जीत ने इस इंतजार को खत्म कर दिया। टीम की जीत के बाद खिलाड़ियों ने मैदान पर जश्न मनाया और भारतीय हॉकी के लिए यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन गई।
वित्या रामराज ने तोड़ा पीटी उषा का रिकॉर्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स की वित्या रामराज ने भी बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में 54.75 सेकेंड का समय दर्ज किया और कांस्य पदक अपने नाम किया।
इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। उषा ने 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में 55.42 सेकेंड का समय निकाला था। यह रिकॉर्ड लंबे समय तक भारतीय महिला 400 मीटर हर्डल्स में कायम रहा।
वित्या ने पुराने रिकॉर्ड में 0.67 सेकेंड का सुधार किया। खास बात यह है कि उन्होंने 2023 एशियन गेम्स में ही पीटी उषा के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। अब 2026 में उन्होंने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम कर दिया।
एशियन गेम्स में वित्या का दूसरा पदक
वित्या रामराज के लिए यह एशियन गेम्स 2026 का दूसरा पदक था। इससे पहले भी उन्होंने प्रतियोगिता में पदक जीता था। 400 मीटर हर्डल्स के फाइनल में उनका 54.75 सेकेंड का प्रदर्शन उनके करियर के बेहतरीन प्रदर्शनों में शामिल रहा।
इस उपलब्धि ने भारतीय एथलेटिक्स में एक पुराने रिकॉर्ड को खत्म कर नया अध्याय जोड़ दिया। पीटी उषा का नाम भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है और उनका रिकॉर्ड टूटना भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के लिए बड़ी खबर है।
एक ही एशियन गेम्स में भारत-पाकिस्तान की दो तस्वीरें
भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले हमेशा खेल से आगे भी चर्चा में रहते हैं। एशियन गेम्स 2026 में पुरुष हॉकी सेमीफाइनल के बाद खिलाड़ियों की गर्मजोशी और क्रिकेट फाइनल में हैंडशेक न होने की तस्वीरों ने दोनों खेलों के अलग-अलग माहौल को सामने रखा।
हॉकी में मुकाबला बेहद कड़ा रहा। पाकिस्तान ने तीन गोल की शुरुआती बढ़त के बाद वापसी की, लेकिन भारत ने आखिरी समय में गोल करके जीत हासिल की। मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे का सम्मान किया।
क्रिकेट में दूसरी तस्वीर देखने को मिली, जहां टॉस के दौरान दोनों कप्तानों के बीच हैंडशेक नहीं हुआ। यह हाल के भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबलों में देखे गए प्रोटोकॉल की निरंतरता के रूप में सामने आया।
भारत के लिए यादगार रहा एशियन गेम्स 2026
एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए हॉकी और एथलेटिक्स से कई बड़ी उपलब्धियां सामने आईं। पुरुष हॉकी टीम ने पाकिस्तान को हराकर फाइनल में जगह बनाई और बाद में मलेशिया को हराकर गोल्ड जीता। वहीं महिला हॉकी टीम ने चीन को हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स गोल्ड अपने नाम किया।
दूसरी ओर, वित्या रामराज के रिकॉर्ड प्रदर्शन ने भारतीय एथलेटिक्स को भी सुर्खियों में ला दिया।
इस तरह एशियन गेम्स 2026 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले, महिला हॉकी का ऐतिहासिक गोल्ड और वित्या रामराज का रिकॉर्ड—तीनों घटनाएं भारतीय खेल प्रेमियों के लिए चर्चा का बड़ा विषय बनीं।
