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जयपुर में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
राजनीति

जयपुर में कांग्रेस का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन: गहलोत बोले- लोकतंत्र को लेकर गंभीर सवाल

By Kuldeepbaswal55
September 28, 2026 5 Min Read
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जयपुर में सोमवार, 28 सितंबर को राजस्थान कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने मतदाता सूची, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक से हुई, जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सभा की। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च किया गया।

इस प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत पार्टी के कई नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए।

Table of Contents

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  • चुनाव आयोग के खिलाफ क्यों हुआ प्रदर्शन?
  • गहलोत ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
  • ‘लोकतंत्र खत्म करने की साजिश’ का आरोप
  • कांग्रेस ने उठाया ‘वोट चोरी’ का मुद्दा
  • प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं में हुई झड़प
  • पुलिस ने किए सुरक्षा के इंतजाम
  • डोटासरा पहले भी उठा चुके हैं सवाल
  • राजस्थान निकाय चुनाव भी बना मुद्दा
  • आगे जिला स्तर पर भी प्रदर्शन की तैयारी
  • चुनाव आयोग की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
  • निष्कर्ष

चुनाव आयोग के खिलाफ क्यों हुआ प्रदर्शन?

राजस्थान कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची और SIR से जुड़े कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण की जरूरत है। पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव से जुड़े तकनीकी सिस्टम को लेकर सवाल उठाए हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण, फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता सूची से जुड़े आईटी सिस्टम जैसे मुद्दों को प्रदर्शन का हिस्सा बनाया। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवाल भी उठाए।

गहलोत ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

प्रदर्शन से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी चुनाव आयोग को लेकर बयान दिया था। 27 सितंबर को गहलोत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर सवाल उठाए।

गहलोत ने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों की ओर से कथित तौर पर आपत्तियां सामने आने से कांग्रेस की ओर से पहले उठाए गए सवालों को बल मिला है। ये गहलोत के राजनीतिक आरोप और उनकी व्याख्या हैं; चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पक्षों के मत अलग हैं।

‘लोकतंत्र खत्म करने की साजिश’ का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने अपने भाषणों में लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। आपके दिए गए शीर्षक में गहलोत के हवाले से कहा गया है कि देश में लोकतंत्र खत्म करने की साजिश हो रही है और बहुत खतरनाक खेल चल रहा है।

हालांकि, इस प्रदर्शन की आज की रिपोर्टों में इस पूरे वाक्य की स्वतंत्र शब्दशः पुष्टि नहीं मिली। गहलोत पहले भी लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर इसी तरह के आरोप लगाते रहे हैं। इसलिए इस बयान को गहलोत का राजनीतिक आरोप मानकर ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।

कांग्रेस ने उठाया ‘वोट चोरी’ का मुद्दा

जयपुर के प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा कांग्रेस की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा ‘वोट चोरी’ का आरोप रहा। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े बदलावों पर पारदर्शी तरीके से जानकारी सामने आनी चाहिए।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को राजस्थान तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी के नेता राष्ट्रीय स्तर पर भी SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठा रहे हैं।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग की ओर से चुनावी प्रक्रियाओं और फैसलों को लेकर अलग-अलग मौकों पर स्पष्टीकरण दिए गए हैं। इसलिए कांग्रेस के आरोपों और आयोग की आधिकारिक स्थिति को अलग-अलग देखना जरूरी है।

प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं में हुई झड़प

जयपुर के शहीद स्मारक पर मुख्य कार्यक्रम शुरू होने से पहले कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार, मंच के पास दो गुटों के बीच बहस के बाद मारपीट की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने बीच-बचाव किया।

इसके बाद कार्यक्रम आगे बढ़ा और कांग्रेस नेताओं ने सभा को संबोधित किया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने शहीद स्मारक से लेकर निर्वाचन कार्यालय तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई थी।

पुलिस ने किए सुरक्षा के इंतजाम

कांग्रेस के मार्च और चुनाव आयोग कार्यालय के घेराव की घोषणा को देखते हुए जयपुर पुलिस ने कई स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया। शहीद स्मारक, एमआई रोड, कलेक्ट्रेट सर्किल और निर्वाचन कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की गई।

प्रदर्शन के कारण जयपुर के कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की भी आशंका जताई गई थी। पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी।

डोटासरा पहले भी उठा चुके हैं सवाल

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पिछले दिनों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

25 सितंबर को जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोटासरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी तक की मांग की थी। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव, फॉर्म-6 और पश्चिम बंगाल में SIR सहित कई मुद्दों का उल्लेख किया था।

डोटासरा के इन आरोपों का उल्लेख रिपोर्टों में कांग्रेस के दावे के रूप में किया गया है। इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

राजस्थान निकाय चुनाव भी बना मुद्दा

प्रदर्शन का संबंध केवल मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहा। कांग्रेस नेताओं ने राजस्थान के हालिया निकाय चुनावों में परिसीमन और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े सवाल भी उठाए।

राजस्थान में सितंबर 2026 में 309 शहरी निकायों के चुनाव हुए थे। इन चुनावों के परिणामों में भाजपा ने 163, कांग्रेस ने 103 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 43 सीटें जीती थीं।

कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया और परिसीमन से जुड़े कुछ मामलों पर आपत्तियां उठाई हैं, जबकि इन आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक और चुनावी प्रक्रियाओं को अलग-अलग रिकॉर्ड के आधार पर देखना होगा।

आगे जिला स्तर पर भी प्रदर्शन की तैयारी

जयपुर के कार्यक्रम के बाद कांग्रेस ने जिला स्तर पर भी चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करने की बात कही है।

पार्टी का कहना है कि मतदाताओं से जुड़े किसी भी बदलाव में पारदर्शिता होनी चाहिए और राजनीतिक दलों को प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

चुनाव आयोग की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनाव प्रक्रिया की निगरानी उसकी प्रमुख जिम्मेदारी है। इसलिए मतदाता सूची, चुनाव कार्यक्रम, पुनरीक्षण और मतदान से जुड़े किसी भी फैसले का सीधा संबंध चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से होता है।

इसी वजह से जब कोई राजनीतिक दल आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, तो उसके आरोपों और आयोग के जवाब दोनों को सामने रखना जरूरी होता है।

जयपुर का मौजूदा प्रदर्शन भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा है। कांग्रेस चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध कर रही है, जबकि आयोग की ओर से चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर अपने स्पष्टीकरण पहले भी सामने आते रहे हैं।

निष्कर्ष

जयपुर में कांग्रेस का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन सोमवार को शहीद स्मारक से शुरू हुआ और चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च किया गया। प्रदर्शन में अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली समेत कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए। पार्टी ने SIR, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए।

अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। हालांकि, उनके और कांग्रेस के कई आरोप राजनीतिक दावे हैं, जिनका मूल्यांकन संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और चुनाव आयोग के जवाबों के आधार पर किया जाना चाहिए।

जयपुर का यह प्रदर्शन राजस्थान में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाने वाला घटनाक्रम है।

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Election CommissionJaipur NewsRajasthan CongressSIRVoter Listअशोक गहलोतकांग्रेस प्रदर्शनचुनाव आयोगजयपुर कांग्रेस प्रदर्शनराजस्थान राजनीति
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