2 करोड़ रिश्वत मामला: ASP पर सोने की घड़ी और चूड़ियां रिकॉर्ड में नहीं दिखाने का आरोप, 30 सितंबर तक रिमांड

2 करोड़ रिश्वत मामले में गिरफ्तार ASP मुकेश सोनी

राजस्थान के उदयपुर में सामने आए 2 करोड़ रिश्वत मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए आरोप सामने आ रहे हैं। राजस्थान पुलिस की SOG के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी को एंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB ने कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है। उनके कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन को पहले 2 करोड़ रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था।

अब परिवादी ने ACB को दिए अपने बयान में आरोप लगाया है कि उसकी और उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के दौरान घर से कुछ दस्तावेजों के साथ सोने की घड़ी और दो सोने की चूड़ियां भी ली गई थीं, लेकिन इन सामान को मामले के रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया। परिवादी का आरोप है कि बाद में सामान और दस्तावेज वापस करने के नाम पर उस पर दबाव बनाया गया। इन आरोपों की जांच ACB कर रही है।

2 करोड़ की रिश्वत का पूरा मामला क्या है?

यह मामला उदयपुर नगर निगम के चर्चित 272 भूखंड प्रकरण से जुड़ा है। ACB के मुताबिक शिकायत मिली थी कि इस मामले में राहत दिलाने, दूसरे मामलों में आरोपी नहीं बनाने और गिरफ्तारी के दौरान लिए गए कुछ दस्तावेज वापस करने के बदले 2 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मांगी जा रही थी।

शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने ट्रैप की कार्रवाई की। कथित बिचौलिया सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को शिकायतकर्ता की फैक्ट्री में 2 करोड़ रुपये लेते पकड़ा गया। ACB के अनुसार रकम में 4 लाख रुपये असली भारतीय मुद्रा थी, जबकि बाकी 1.96 करोड़ रुपये डमी करेंसी थी।

ASP मुकेश सोनी भी गिरफ्तार

बिचौलिए की गिरफ्तारी के बाद ACB ने SOG के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी को भी बालोतरा स्थित उनके घर से हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर उदयपुर लाया गया।

ACB का आरोप है कि रिश्वत की मांग ASP की ओर से की गई थी और रकम लेने के लिए कथित बिचौलिए का इस्तेमाल किया गया। ACB ने भ्रष्टाचार निवारण कानून की संबंधित धाराओं और आपराधिक साजिश से जुड़ी BNS की धारा के तहत मामला दर्ज किया है।

सोने की घड़ी और दो चूड़ियों को लेकर क्या आरोप है?

पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, परिवादी निरंजन मोगरा ने ACB के सामने दिए बयान में आरोप लगाया कि उसकी और उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के दौरान ASP मुकेश सोनी ने घर से कुछ प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात, CCTV की DVR के अलावा सोने की घड़ी और दो सोने की चूड़ियां भी ली थीं।

परिवादी का दावा है कि इन सामान को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि बाद में दस्तावेज और सामान वापस करने के नाम पर उस पर दबाव बनाया गया।

ये फिलहाल परिवादी के आरोप हैं। ACB की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित तौर पर लिया गया सामान वास्तव में क्या था, उसका कोई जब्ती रिकॉर्ड मौजूद है या नहीं और इस संबंध में किसकी क्या भूमिका थी।

30 सितंबर तक रिमांड पर ASP और बिचौलिया

गिरफ्तारी के बाद ASP मुकेश सोनी और कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने दोनों को 30 सितंबर तक रिमांड पर रखने के आदेश दिए।

ACB इस दौरान रिश्वत की मांग, कथित लेन-देन, दोनों आरोपियों के बीच संपर्क और 272 भूखंड प्रकरण से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

देर रात SOG कार्यालय में भी तलाशी

ACB ने रविवार रात गिरफ्तार ASP और कथित बिचौलिए को लेकर गोवर्धनविलास स्थित SOG कार्यालय में तलाशी ली।

रिपोर्ट के अनुसार तलाशी के दौरान मामले से संबंधित एक फाइल जब्त की गई। इसके अलावा नगर निगम के भूखंडों से जुड़ी करीब 42 फाइलें भी अलमारी में मिलीं। ACB ने संबंधित रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की है।

इससे जांच एजेंसी को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि 272 भूखंड मामले की जांच के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज अधिकारियों के पास थे और उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया।

परिवादी ने धमकी देने का भी लगाया आरोप

परिवादी ने ACB को दिए बयान में आरोप लगाया कि पहले उससे एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर दो करोड़ रुपये कर दिया गया।

उसका आरोप है कि रकम नहीं देने पर उसे दूसरे भूखंड मामलों में आरोपी बनाने और चार्जशीट पेश करने की धमकी दी गई। ACB ने शिकायत मिलने के बाद बातचीत के जरिए रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया था। सत्यापन में मांग की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई।

हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

कार में हुई थी ASP से मुलाकात

ACB की कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता ने कथित बिचौलिए से कहा था कि वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि 2 करोड़ रुपये की मांग वास्तव में ASP की ओर से ही की जा रही है।

रिपोर्टों के अनुसार इसके बाद बिचौलिए ने शिकायतकर्ता की ASP मुकेश सोनी से उदयपुर में कार के अंदर मुलाकात कराई। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस मुलाकात के दौरान सोनी ने मोबाइल स्क्रीन पर कथित तौर पर “2 करोड़” लिखकर रकम की मांग का संकेत दिया।

272 भूखंड प्रकरण क्या है?

पूरा रिश्वत मामला उदयपुर के 272 भूखंडों से जुड़े पुराने प्रकरण की जांच से जुड़ा है। इस मामले में आरोप है कि कुछ खाली भूखंडों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उनके नामांतरण तथा बिक्री की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं।

इसी प्रकरण की जांच SOG कर रही थी और ASP मुकेश सोनी जांच अधिकारी के रूप में जुड़े हुए थे। अब इसी जांच के दौरान कथित 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है।

ACB अब किन बिंदुओं की जांच कर रही है?

ACB की जांच में कई महत्वपूर्ण सवाल शामिल हैं। इनमें कथित 2 करोड़ रुपये की मांग किसके लिए की गई, पैसे लेने में बिचौलिए की भूमिका क्या थी, ASP और बिचौलिए के बीच कितनी बातचीत हुई और 272 भूखंड मामले की जांच से इसका क्या संबंध है—ये प्रमुख बिंदु हैं।

इसके अलावा परिवादी द्वारा लगाए गए सोने की घड़ी, दो चूड़ियों और दस्तावेजों से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा सकती है। अगर इन सामानों को लेकर कोई आधिकारिक जब्ती रिकॉर्ड या अन्य दस्तावेज सामने आते हैं, तो वे जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

2 करोड़ की रकम में 1.96 करोड़ थे डमी नोट

ACB की ट्रैप कार्रवाई में बरामद 2 करोड़ रुपये की पूरी रकम वास्तविक नोटों की नहीं थी। अधिकारियों के अनुसार इसमें 4 लाख रुपये असली भारतीय मुद्रा थी, जबकि 1.96 करोड़ रुपये डमी करेंसी थी।

डमी नोटों का इस्तेमाल ट्रैप ऑपरेशन में किया गया था, ताकि कथित रिश्वत लेते व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़ा जा सके और रकम के लेन-देन को जांच के लिए रिकॉर्ड किया जा सके।

आगे और लोगों की भूमिका की जांच

ACB ने संकेत दिया है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

जांच एजेंसी ASP और कथित बिचौलिए से पूछताछ के अलावा दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और 272 भूखंड प्रकरण से संबंधित फाइलों की भी जांच कर रही है।

इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।

निष्कर्ष

उदयपुर का 2 करोड़ रिश्वत मामला अब केवल कथित रिश्वत की रकम तक सीमित नहीं रह गया है। ACB की कार्रवाई के बाद 272 भूखंड प्रकरण की जांच, कथित बिचौलिए की भूमिका और परिवादी द्वारा लगाए गए दस्तावेज तथा सोने की घड़ी और दो चूड़ियों से जुड़े आरोप भी जांच के दायरे में हैं।

ASP मुकेश कुमार सोनी और कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन को 30 सितंबर तक रिमांड पर रखे जाने की रिपोर्ट है। ACB पूरे मामले की जांच कर रही है।

फिलहाल सोने की घड़ी और दो चूड़ियों को रिकॉर्ड में नहीं दिखाने का दावा परिवादी का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। इसी तरह 2 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत के मामले में भी अदालत के अंतिम निर्णय तक आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।