जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में 14 साल की नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि घर में पेंट का काम करने वाले एक व्यक्ति ने नाबालिग को कथित तौर पर अगवा किया और करीब एक महीने तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। नाबालिग से जुड़े मामलों में पुलिस की ओर से पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखा जाता है और मामले की जांच POCSO समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत की जाती है।
जयपुर और राजस्थान में अपराध से जुड़ी ताजा खबरों के लिए राजस्थान की ताजा खबरें भी पढ़ सकते हैं।
घर में पेंट का काम करने वाले पर आरोप
परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप के अनुसार, आरोपी घर में पेंट करने का काम करता था। इसी वजह से उसका परिवार के आसपास आना-जाना था। आरोप है कि इसी परिचय का फायदा उठाकर उसने नाबालिग को अपने साथ ले लिया।
इसके बाद लड़की के अचानक गायब होने से परिवार में चिंता बढ़ गई। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और मामले की जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग को किस तरह अपने साथ ले जाया गया और इस दौरान वह किन परिस्थितियों में रही।
करीब एक महीने तक बंधक रखने का आरोप
परिजनों के अनुसार नाबालिग को करीब एक महीने तक बंधक बनाकर रखने का आरोप है। इस दौरान उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म भी किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि नाबालिग को किस स्थान पर रखा गया था और आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
नाबालिग के बयान और मेडिकल जांच इस तरह के मामलों में जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस संभावित स्थानों, आरोपी के संपर्कों और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि नाबालिग को कब और किस तरीके से घर से बाहर ले जाया गया। यदि आरोपी ने उसे किसी दूसरे स्थान पर रखा था तो वहां पहुंचने और रहने से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।
जयपुर में इससे पहले भी नाबालिगों के अपहरण और यौन अपराध से जुड़े मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और पीड़िता के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाती है।
POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई संभव
नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में POCSO एक्ट के प्रावधान लागू होते हैं। कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए विशेष प्रावधान करता है।
मामले में पुलिस आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई करेगी। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
इस तरह के मामलों में पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन और नैतिक रूप से उचित नहीं है। इसलिए उसकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जा रही है।
परिवार ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की
घटना के बाद परिवार ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि नाबालिग को लंबे समय तक बंधक रखा गया और उसके साथ गंभीर अपराध किया गया।
पुलिस अब शिकायत और पीड़िता के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की अन्य खबरों के लिए Bulletino की राजस्थान न्यूज कैटेगरी पर भी ताजा अपडेट देख सकते हैं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। जांच के दौरान मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता का बयान, CCTV फुटेज, मोबाइल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस यह भी जांच सकती है कि आरोपी ने नाबालिग को किस स्थान पर रखा था और क्या इस पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी।
अदालत में पेश होने वाली जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
नोट: इस खबर में नाबालिग की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। आरोप सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

