शेयर बाजार आज: Sensex-Nifty में तेजी, तेल और ग्लोबल संकेतों पर नजर

शेयर बाजार आज Sensex और Nifty में तेजी

शेयर बाजार आज: 21 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शुरुआती संकेतों की तुलना में बेहतर रही। प्री-ओपन संकेतों में GIFT Nifty हल्की कमजोरी दिखा रहा था, लेकिन बाजार खुलने के बाद Sensex और Nifty दोनों बढ़त में कारोबार करते नजर आए। निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया की स्थिति, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है।

Sensex और Nifty में शुरुआती तेजी

सोमवार को बाजार खुलने के बाद Sensex करीब 330 अंक की बढ़त के साथ 74,624 के आसपास पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 23,372 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार की शुरुआत से पहले GIFT Nifty लगभग 23 अंक नीचे था, जिससे शुरुआती कारोबार को लेकर सावधानी के संकेत मिल रहे थे।

इसके बाद घरेलू बाजार में खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में UltraTech Cement, Asian Paints, Trent, Titan और Bajaj Finance जैसे शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि कुछ बड़े शेयरों में दबाव भी दिखाई दिया।

कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की नजर

कच्चा तेल भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेतक बना हुआ है। 21 सितंबर की सुबह Brent crude लगभग 101.69 डॉलर प्रति बैरल और US crude करीब 98.36 डॉलर प्रति बैरल पर था। हाल की गिरावट ने बाजार को कुछ राहत दी है, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की स्थिति में तेल कीमतों में दोबारा तेजी आ सकती है।

भारत के लिए महंगा कच्चा तेल आयात बिल और रुपये पर दबाव बढ़ा सकता है। इससे महंगाई और कंपनियों की लागत पर भी असर पड़ सकता है।

Iran-US तनाव भी अहम फैक्टर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव भारतीय बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक जोखिम बना हुआ है। निवेशक अमेरिका और ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं, क्योंकि तनाव बढ़ने पर कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, सोमवार की सुबह तेल कीमतों में गिरावट और कुछ वैश्विक बाजारों में मजबूती से भारतीय बाजार को शुरुआती समर्थन मिला।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और रुपये पर भी नजर

अमेरिकी Treasury yields भी वैश्विक शेयर बाजारों के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रही हैं। 10-year US Treasury yield करीब 5% के आसपास बनी हुई थी, जिससे निवेशकों के लिए वैश्विक परिसंपत्तियों के बीच जोखिम का आकलन महत्वपूर्ण हो गया है।

दूसरी ओर, भारतीय रुपया पिछले सप्ताह 95.8725 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। Reuters के अनुसार, इस सप्ताह रुपये पर तेल कीमतों, पोर्टफोलियो निवेश और RBI के हस्तक्षेप का प्रभाव देखने को मिल सकता है।

विदेशी निवेशकों की गतिविधि महत्वपूर्ण

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI की गतिविधियां भी बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण हैं। 18 सितंबर को FPI ने भारतीय शेयरों में करीब ₹599.54 करोड़ की खरीदारी की थी, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII करीब ₹1,019.69 करोड़ के शुद्ध खरीदार रहे।

हालांकि, सितंबर में अब तक विदेशी निवेशकों की कुल निकासी करीब ₹20,974 करोड़ बताई गई है। इसलिए आने वाले कारोबारी सत्रों में FPI flows पर बाजार की नजर बनी रह सकती है।

आगे किन संकेतकों पर रहेगी नजर?

इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए कई घरेलू और वैश्विक घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहेंगे। कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, पश्चिम एशिया की स्थिति, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और वैश्विक बाजारों की दिशा प्रमुख संकेतक रहेंगे।

इसके अलावा, NSE की लिस्टिंग और आने वाले आर्थिक आंकड़े भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकते हैं।

बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना

21 सितंबर की शुरुआत में भारतीय बाजार ने शुरुआती सावधानी के बावजूद बढ़त दिखाई। हालांकि, वैश्विक स्तर पर तेल, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम में तेजी से बदलाव हो सकता है। इसलिए बाजार की दिशा पूरे कारोबारी सत्र में बदल सकती है।

निवेशकों के लिए यह दिन घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक संकेतों पर नजर रखने वाला है। शेयर बाजार में किसी भी निवेश निर्णय से पहले व्यक्तिगत जोखिम क्षमता और आधिकारिक बाजार जानकारी को ध्यान में रखना जरूरी है।