aurav das cjp आज भारत के सबसे चर्चित युवा कार्यकर्ताओं और पत्रकारों में से एक हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक और मुख्य प्रवक्ता के रूप में, उन्होंने कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। 27 वर्षीय saurav das cjp ने सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और आज वे देश के युवाओं की आवाज़ बन चुके हैं। हाल के दिनों में जंतर मंतर विवाद और निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ चल रहे आंदोलन के कारण saurav das cjp की सबसे प्रमुख शख्सियत के रूप में उभरे हैं।
saurav das cjp कौन हैं?
saurav das cjp दिल्ली के निवासी हैं और पेशे से स्वतंत्र खोजी पत्रकार हैं। उन्होंने अमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। 2017 में, जब वे केवल 18 वर्ष के थे, तब उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) का उपयोग करके कई महत्वपूर्ण खुलासे किए, जिससे उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया।
saurav das cjp ने पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके लेख द कारवां, अल जजीरा, द वायर और द हिंदू जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में छप चुके हैं। उन्होंने द वायर के लिए ‘The Justice Brief with Saurav Das’ नाम की एक सीरीज़ भी होस्ट की है। इसके अलावा, वे जलवायु नीति और नागरिक मुद्दों पर काम करने वाले संगठन ‘क्लाइमेट एक्शन फ्रंट’ के सह-संस्थापक भी हैं।
saurav das cjp ने पूर्व चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ पर एक विस्तृत आलोचनात्मक प्रोफाइल लिखा था, जिसका शीर्षक ‘The Equivocations of DY Chandrachud’ था। यह 16,000 शब्दों का लेख काफी चर्चित हुआ था। वर्तमान में वे अपनी पहली किताब ‘Complicit Silence: The Court’s Role in India’s Quiet Suffering’ पर काम कर रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़ाव
saurav das cjp CJP के सह-संयोजक और मुख्य प्रवक्ता हैं। यह संगठन मूल रूप से ऑनलाइन व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ था, जब मई 2026 में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने एक अदालत की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से कर दी थी। बाद में उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का गलत अर्थ निकाला गया, लेकिन तब तक यह युवाओं के लिए एक रैलीिंग क्राई बन चुकी थी।
गर्मियों के विरोध प्रदर्शनों के बाद, CJP एक दबाव समूह के रूप में विकसित हो गया, जिसने बेरोजगारी, परीक्षा अनियमितताओं और सरकारी जवाबदेही पर व्यापक आक्रोश को अपनी आवाज़ बनाया। saurav das cjp के नेतृत्व में CJP ने शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर कई सप्ताह तक आंदोलन चलाया, जिसके परिणामस्वरूप केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ।
saurav das cjp का मानना है कि CJP को पारंपरिक राजनीतिक लड़ाई से बाहर रहकर मुद्दा-आधारित आंदोलन बनाने चाहिए। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, “हम कम से कम अभी तो राजनीतिक दल नहीं बनना चाहते। राजनीति एक बहुत गंदा खेल है। हमारी ऊर्जा शिक्षा सुधारने, जवाबदेही हासिल करने और मंत्रियों को काम करने के लिए मजबूर करने में बेहतर लगेगी”।
हाल की घटनाएं: जंतर मंतर विवाद
10 अक्टूबर: हवाई अड्डे पर निवारक गिरफ्तारी
10 अक्टूबर, 2026 को saurav das cjp, CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और आशुतोष रांका को दिल्ली हवाई अड्डे पर निवारक गिरफ्तारी के तहत हिरासत में लिया गया। वे मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे और ‘जंतर मंतर 2.0’ नामक विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे थे, जो मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर था।
दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने विमान के उतरने के तुरंत बाद उसमें प्रवेश करके तीनों नेताओं को हिरासत में ले लिया। अगले दिन, उन्हें एक लाख रुपये के बॉन्ड और एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा कर दिया गया।
13 अक्टूबर: जंतर मंतर में प्रवेश का प्रयास
रिहाई के केवल दो दिन बाद, 13 अक्टूबर को saurav das cjp और आशुतोष रांका ने जंतर मंतर में प्रवेश करने का प्रयास किया। दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को जंतर मंतर को मान्यता प्राप्त विरोध स्थल के रूप में हटा दिया था और रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को नए विरोध स्थलों के रूप में अधिसूचित किया था।
CJP के सदस्यों ने ताला लगे गेट और बैरिकेड्स को फांदकर जंतर मंतर में प्रवेश किया, राष्ट्रीय ध्वज लहराया और नारे लगाए। saurav das cjp ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, “जंतर मंतर को पुनः प्राप्त कर लिया गया है! हमने जंतर मंतर में प्रवेश किया है और अब हमें हिरासत में लिया जा रहा है। लेकिन यह हम सभी युवा पीढ़ी के लिए एक संदेश है! हम यह कर सकते हैं!”
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक्स पर लिखा, “तिरंगे के साथ कॉकरोच आज सुबह जंतर मंतर में घुसे, इससे पहले कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। आप प्रतिरोध को अधिसूचित नहीं कर सकते, नरेंद्र मोदी”।
14 अक्टूबर: पांच दिन की न्यायिक हिरासत
14 अक्टूबर को दिल्ली की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने saurav das cjp और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें तिहाड़ जेल में रखा गया है। तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को व्यक्तिगत बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस ने 14 CJP सदस्यों के खिलाफ दो FIR दर्ज की हैं। आरोपों में अवैध सभा, सार्वजनिक सेवक के आदेश की अवहेलना, शांति बॉन्ड का उल्लंघन और सार्वजनिक सेवक के कर्तव्य में बाधा डालना शामिल है।
CJP के आंदोलन के मुद्दे
CJP मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर आंदोलन चला रही है:
निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विरोध
CJP मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में अनियमितताएं हुई हैं। निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों से इनकार किया है।
शिक्षा सुधार
CJP ने परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाया था। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हुआ।
बेरोजगारी और युवा मुद्दे
saurav das cjp के अनुसार, भारत को अगले 15-20 वर्षों में एक विकसित और समृद्ध देश बनने का अवसर है। इसके बाद जनसंख्या बूढ़ी होने लगेगी और कार्यबल सिकुड़ जाएगा। उनका मानना है कि सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड इस दिशा में आश्वस्त करने वाला नहीं है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने saurav das cjp और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत की निंदा की। उन्होंने कहा, “जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध में तिरंगा लहराना अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता का कार्य है”।
CJP संस्थापक की प्रतिक्रिया
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर असहमति को कुचलने का आरोप लगाया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आशु और सौरव को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनका अपराध? जंतर मंतर पर तिरंगा फहराना। अगर आप असहमति को कुचलने के लिए इतने ही दृढ़ हैं, तो आधिकारिक रूप से आपातकाल घोषित करने की हिम्मत दिखाएं, इन कायरतापूर्ण तरीकों के पीछे छिपने के बजाय”।
saurav das cjp का दृष्टिकोण और भविष्य की योजनाएं
saurav das cjp का मानना है कि भारत में हजारों दबाव समूहों का उभरना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “यह पुरानी स्थापना, वृद्धतंत्र है जिसने राजनीति पर वर्चस्व कायम किया है। ताज़ा दिमागों को आगे आना चाहिए। अगर अच्छे लोग राजनीति में आना चाहते हैं, तो उन्हें उचित मौका मिलना चाहिए”।
उन्होंने आगे कहा, “राजनीति इतनी अप्रत्याशित और गंदी है कि एक सप्ताह या एक महीना भी लंबा समय होता है। हम खुद नहीं जानते कि दो, तीन, पांच या 10 साल बाद क्या होगा। एक चीज़ हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि हम हमेशा युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं की रक्षा करेंगे और इस देश की बेहतरी के लिए काम करेंगे”।
सोशल मीडिया विवाद
सितंबर 2026 में, saurav das cjp एक सोशल मीडिया विवाद में भी उलझे थे। उन्होंने एक पोस्ट साझा किया था जिसमें बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया के हवाले से स्वतंत्र भारद्वाज को ‘दिमागी-नक्सल’ कहा गया था। भाटिया ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे फर्जी बताया और माफी की मांग की। बाद में saurav das cjp ने पोस्ट हटा दिया और कहा कि यह AI-जनित सामग्री थी।
इस तरह और पढ़ें
निष्कर्ष
saurav das cjp CJP के माध्यम से भारतीय राजनीति में एक नई तरह की आवाज़ का प्रतिनिधित्व करते हैं। 27 वर्ष की आयु में, वे पत्रकारिता, कार्यकर्ता और दबाव समूह के नेता के रूप में एक साथ काम कर रहे हैं। जंतर मंतर विवाद और निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ आंदोलन ने उन्हें राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि उन्हें और CJP को सरकारी दमन का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वे युवाओं के मुद्दों को उठाना जारी रखे हुए हैं।
saurav das cjp की कहानी यह दर्शाती है कि कैसे एक साधारण पत्रकार से एक युवा आंदोलन के चेहरे तक का सफर तय किया जा सकता है। उनका मानना है कि भारत को 15-20 साल की एक महत्वपूर्ण अवधि मिली है, और इस दौरान सही नेतृत्व और जवाबदेही के बिना देश पीछे छूट सकता है। CJP के माध्यम से वे इस बदलाव की दिशा में काम कर रहे हैं, भले ही इसके लिए उन्हें जेल जाना पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. saurav das cjp कौन हैं?
saurav das cjp एक स्वतंत्र खोजी पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक और मुख्य प्रवक्ता हैं। वे 27 वर्ष के हैं और दिल्ली के निवासी हैं।
2. saurav das cjp को हिरासत में क्यों लिया गया?
saurav das cjp और अन्य CJP नेताओं को जंतर मंतर में प्रवेश करने के प्रयास के दौरान हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को मान्यता प्राप्त विरोध स्थल के रूप में हटा दिया था, लेकिन CJP नेताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर प्रवेश किया।
3. saurav das cjp को कितने दिन की जेल हुई है?
14 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने saurav das cjp को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें तिहाड़ जेल में रखा गया है।
4. saurav das cjp की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
saurav das cjp ने अमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है।
5. कॉकरोच जनता पार्टी क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक दबाव समूह है जो मूल रूप से ऑनलाइन व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ था। यह संगठन बेरोजगारी, शिक्षा सुधार, निर्वाचन प्रणाली में पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों पर काम करता है।
6. saurav das cjp का राजनीतिक दल बनाने का कोई इरादा है?
saurav das cjp के अनुसार, CJP फिलहाल राजनीतिक दल नहीं बनना चाहती। वे मुद्दा-आधारित आंदोलन बनाने और सत्ता में जो भी हो, उस पर दबाव डालने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
7. saurav das cjp की किताब किस बारे में है?
saurav das cjp अपनी पहली किताब ‘Complicit Silence: The Court’s Role in India’s Quiet Suffering’ पर काम कर रहे हैं। यह पुस्तक भारतीय न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और उन पीड़ितों की कहानियों पर आधारित है जो न्याय प्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं।
8. saurav das cjp पर क्या आरोप हैं?
saurav das cjp पर अवैध सभा, सार्वजनिक सेवक के आदेश की अवहेलना, शांति बॉन्ड का उल्लंघन और सार्वजनिक सेवक के कर्तव्य में बाधा डालने के आरोप हैं। दिल्ली पुलिस ने 14 CJP सदस्यों के खिलाफ दो FIR दर्ज की हैं।
