
राजस्थान की रितु बराला से मारपीट का आरोप, राहुल गांधी बोले- ये शेरनी है; NSUI नेता ने सुनाई आपबीती
जयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान की NSUI राष्ट्रीय सचिव रितु बराला दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ कथित हाथापाई और मारपीट के मामले को लेकर चर्चा में हैं। 14 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने रितु बराला को “शेरनी” कहकर संबोधित किया और उनके साहस की बात कही।
रितु बराला ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने के बाद महिला पुलिसकर्मी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, उन्हें सड़क पर घसीटा और शरीर के संवेदनशील हिस्से पर चोट पहुंचाई। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बस के अंदर रितु बराला और एक महिला पुलिसकर्मी के बीच हाथापाई होती दिखाई दे रही है। घटना की पूरी परिस्थितियों और दोनों पक्षों की भूमिका की पुष्टि जांच से ही हो सकेगी।
राहुल गांधी ने रितु बराला को बताया ‘शेरनी’
राहुल गांधी ने बुधवार को प्रदर्शनकारी युवाओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने रितु बराला का परिचय कराते हुए उन्हें “हमारी शेरनी” कहा। राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए मारपीट के आरोपों को सार्वजनिक रूप से सामने रखा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित दुर्व्यवहार की जानकारी दी। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं को डरना नहीं चाहिए और उनके आरोपों की जांच होनी चाहिए।
यह घटनाक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में सामने आया है। प्रदर्शनकारी चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि इस मुद्दे पर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेद जारी हैं।
रितु बराला ने महिला पुलिसकर्मी पर लगाए गंभीर आरोप
रितु बराला के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें पुलिस बस में बैठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बस के अंदर महिला पुलिसकर्मी के साथ कहासुनी के बाद उनके साथ मारपीट की गई।
रिपोर्टों के अनुसार, बराला ने दावा किया कि महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें थप्पड़ मारे, बाल खींचे और शरीर के संवेदनशील हिस्से पर चोट पहुंचाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सड़क पर घसीटा गया।
ये आरोप रितु बराला की ओर से लगाए गए हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। मामले में मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो फुटेज, संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान और शिकायत की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
बस में महिला पुलिसकर्मी के साथ हाथापाई का वीडियो
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें रितु बराला और एक महिला पुलिसकर्मी के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई दिखाई देती है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना हिरासत के दौरान पुलिस बस में हुई थी।
वीडियो में दिखने वाले दृश्य घटना के एक हिस्से को सामने ला सकते हैं, लेकिन केवल वीडियो के आधार पर विवाद की शुरुआत, पूरी परिस्थितियों या किस पक्ष ने पहले हमला किया, इसका निर्णायक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच के लिए पूरी रिकॉर्डिंग, संबंधित लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान जरूरी है। महिला पुलिसकर्मी का पक्ष और पुलिस विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी मामले को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कौन हैं राजस्थान की रितु बराला?
रितु बराला राजस्थान के झुंझुनूं जिले की रहने वाली हैं। वह कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की राष्ट्रीय सचिव हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह जयपुर के महारानी कॉलेज की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और ताइक्वांडो से जुड़ी रही हैं।
छात्र राजनीति में सक्रिय रहने के कारण वह संगठन के कार्यक्रमों और विरोध प्रदर्शनों में भाग लेती रही हैं। दिल्ली में हुई इस घटना के बाद उनकी चर्चा राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी हो रही है।
रितु बराला के बारे में अधिक जानकारी और घटना से जुड़ी स्थानीय रिपोर्ट के लिए NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला और महिला पुलिसकर्मी के बीच विवाद की यह रिपोर्ट पढ़ी जा सकती है।
किस मुद्दे पर हो रहा था प्रदर्शन?
NSUI से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इसके बाद NSUI की ओर से पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई गई और महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए।
प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और हिरासत से जुड़े ऐसे मामलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी के साथ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा भी महत्वपूर्ण है। इससे पहले भी छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। उदाहरण के लिए, पंजाब में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी यह रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं।
मामले में आगे क्या होगा?
रितु बराला की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद घटना की निष्पक्ष जांच और पुलिस का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण है। यदि औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, तो उसकी स्थिति, मेडिकल जांच और उपलब्ध वीडियो साक्ष्य मामले की जांच में अहम हो सकते हैं।
साथ ही, वीडियो में दिखाई देने वाली हाथापाई और बराला की ओर से लगाए गए आरोपों का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाना चाहिए। जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
निष्कर्ष: राजस्थान की NSUI राष्ट्रीय सचिव रितु बराला ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद महिला पुलिसकर्मी पर मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने उन्हें “शेरनी” कहकर संबोधित किया। घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है, लेकिन आरोपों की पुष्टि और पूरी घटना की परिस्थितियां स्पष्ट करने के लिए निष्पक्ष जांच तथा पुलिस का पक्ष जरूरी है।