जयपुर। राजस्थान में कानून-व्यवस्था और पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। एक थानाधिकारी को निलंबित किया गया, छह पुलिस अधिकारियों को एपीओ (Awaiting Posting Orders) किया गया और दो अधिकारियों को उनके मौजूदा पदों से हटा दिया गया।
मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं, पुलिस की कथित लापरवाही और कुछ पुलिसकर्मियों के अमर्यादित व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वैर थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह निलंबित
पुलिस विभाग की कार्रवाई में भरतपुर जिले के वैर थाने के थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले के संबंध में की गई है।
इस मामले में पुलिस की भूमिका और जांच से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर आपराधिक घटनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
पूर्व विधायक की हत्या का मामला राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में थानाधिकारी पर हुई कार्रवाई को पुलिस प्रशासन की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।
छह पुलिस अधिकारियों को APO किया गया
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत छह अधिकारियों को एपीओ किया गया है। एपीओ का मतलब है कि अधिकारी को मौजूदा पद से हटाकर नई पोस्टिंग के आदेश आने तक प्रतीक्षा में रखा जाता है। यह अपने आप में सेवा से बर्खास्तगी नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार, एपीओ किए गए अधिकारियों में शामिल हैं:
- प्रेरणा शेखावत: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), वैर
- नीरज भारद्वाज: सर्किल ऑफिसर (CO), भुसावर
- अंजू यादव: डीएसपी ट्रैफिक, अजमेर
- मुकेश जोशी: सर्किल ऑफिसर, सांभर
- विष्णु कुमार खत्री: सर्किल ऑफिसर, श्रीगंगानगर
- मुकेश खड़ड़िया: पुलिस निरीक्षक, जयपुर कमिश्नरेट
इन अधिकारियों के नाम अलग-अलग मामलों और प्रशासनिक समीक्षा के बाद की गई कार्रवाई में सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मामले कथित लापरवाही, मारपीट की शिकायतों या पुलिस के व्यवहार से जुड़े हैं। संबंधित मामलों की जांच और विभागीय प्रक्रिया के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
दो अधिकारियों को मौजूदा पदों से हटाया
छह अधिकारियों को एपीओ करने के अलावा दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को उनके मौजूदा पदों से हटाया गया है।
इनमें जयपुर ग्रामीण की SIUCAW इकाई में तैनात ASP बृजमोहन मीणा और खैरथल में तैनात ASP जया सिंह शामिल हैं। दोनों को मौजूदा जिम्मेदारियों से हटाने की कार्रवाई की गई है।
हालांकि, मौजूदा पद से हटाए जाने और निलंबन में अंतर होता है। इसलिए इन दोनों अधिकारियों के मामले को निलंबन के रूप में नहीं समझना चाहिए। आगे की जिम्मेदारियों के बारे में विभागीय आदेशों से स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर CM ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में कहा कि पुलिस का मूल दायित्व अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों के अनुचित व्यवहार से पूरे विभाग की छवि और विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी भी नागरिक के साथ पुलिस का व्यवहार मर्यादित और कानून के अनुरूप होना चाहिए। आमजन को यह महसूस होना चाहिए कि पुलिस उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए मौजूद है।
राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की।
अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अपराध करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने आपराधिक घटनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने को कहा।
बैठक में खनन और भूमि विवादों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऐसे विवादों की जिलेवार सूची तैयार की जाए और उनके निस्तारण के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।
भूमि विवाद और अवैध खनन कई बार कानून-व्यवस्था की समस्याओं से जुड़े होते हैं। इसलिए सरकार ने इन मामलों की नियमित समीक्षा और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर दिया है।
त्योहारों से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
आगामी त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था चाकचौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छोटी से छोटी घटना पर भी संबंधित अधिकारी समय रहते संज्ञान लें, ताकि कोई मामला गंभीर रूप न ले।
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स के सुचारू संचालन और स्कूल-कॉलेजों में इनके साथ संवाद एवं जागरूकता गतिविधियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा रेंज और जिलों के प्रभारी अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के लिए कहा गया है।
आगे क्या होगा?
पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद संबंधित मामलों की विभागीय समीक्षा और जांच आगे बढ़ेगी। एपीओ किए गए अधिकारियों की नई पोस्टिंग के बारे में अलग आदेश जारी किए जा सकते हैं। वहीं, निलंबित अधिकारी के मामले में नियमानुसार विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब राज्य में गंभीर अपराधों और पुलिस के आचरण से जुड़े कुछ मामलों को लेकर सवाल उठे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अपराध रोकने, पुलिस की जवाबदेही तय करने और नागरिकों के प्रति उचित व्यवहार सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक के बाद राजस्थान पुलिस में एक अधिकारी को निलंबित, छह को एपीओ और दो को मौजूदा पदों से हटाया गया है। मुख्यमंत्री ने अपराधों पर जीरो टॉलरेंस, पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार और त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं।
