सांगानेर सदर थाने का ASI 10 हजार घूस लेते गिरफ्तार: ACB ने रंगे हाथों पकड़ा, राजीनामा करने के एवज में मांगी थी रिश्वत
जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB ने सांगानेर सदर थाने में तैनात एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ASI की पहचान महेश चंद मीणा के रूप में बताई गई है। ACB के अनुसार, वह एक मामले में अनुसंधान अधिकारी (IO) के रूप में काम कर रहा था।
शिकायत के मुताबिक, मामले में राजीनामा होने के दस्तावेज लेने, पिकअप वाहन छोड़ने और सह-परिवादी को आरोपी नहीं बनाने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने ट्रैप की कार्रवाई की और आरोपी ASI को 10 हजार रुपए लेते पकड़ लिया।
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पिकअप छोड़ने के बदले मांगी थी रिश्वत
ACB के सामने आई शिकायत के अनुसार, सांगानेर सदर थाने में एक प्रकरण दर्ज था। इस मामले की जांच ASI महेश चंद मीणा कर रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले में उसके मामा के नाम की पिकअप गाड़ी पुलिस के पास थी।
आरोप है कि पिकअप को छोड़ने और मामले में सह-परिवादी को आरोपी नहीं बनाने के लिए रिश्वत की मांग की गई। शुरुआती शिकायत में अलग-अलग काम के बदले 20-20 हजार रुपए, यानी कुल 40 हजार रुपए की मांग किए जाने की बात सामने आई।
इसके बाद ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग से संबंधित तथ्य सामने आने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की तैयारी की गई।
राजीनामा होने के दस्तावेज लेने के बाद मांगी रकम
मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि आरोपी ASI ने राजीनामा होने से जुड़े दस्तावेज लेने के बाद पिकअप छोड़ने और प्रकरण के निस्तारण के बदले 10 हजार रुपए लेने की बात कही।
ACB के अनुसार, ट्रैप कार्रवाई के दौरान परिवादी और सह-परिवादी से राजीनामा संबंधी दस्तावेज लिए गए। इसके बाद सह-परिवादी से पूछताछ की गई और आरोपी ASI ने परिवादी से 10 हजार रुपए की रिश्वत राशि प्राप्त की।
रकम लेने के बाद ASI ने उसे अपनी पहनी हुई जींस की जेब में रख लिया। इसी दौरान ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए रिश्वत की रकम बरामद कर ली।
ACB ने ऐसे किया ट्रैप
ACB की कार्रवाई जयपुर नगर तृतीय इकाई की ओर से की गई। कार्रवाई ACB मुख्यालय के निर्देश और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई।
जानकारी के अनुसार, ACB के उप महानिरीक्षक द्वितीय, जयपुर ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप कार्रवाई की।
शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने रिश्वत की रकम लेते ही आरोपी ASI को पकड़ लिया। उसकी जेब से 10 हजार रुपए की रिश्वत राशि बरामद की गई।
जींस की जेब से बरामद हुई रिश्वत की रकम
ACB की कार्रवाई में आरोपी के पास से वही 10 हजार रुपए बरामद किए गए, जिन्हें कथित तौर पर रिश्वत के रूप में लिया गया था।
ट्रैप मामलों में शिकायत के सत्यापन और रिश्वत की रकम की बरामदगी कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। यहां भी ACB टीम ने रकम स्वीकार किए जाने के बाद तुरंत कार्रवाई की।
हालांकि, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या ट्रैप कार्रवाई अपने आप में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं होती। मामले में आगे जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों पर अंतिम निर्णय होगा।
मामले की जांच आगे जारी
ACB के अनुसार, आरोपी ASI से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।
जांच के दौरान ACB यह पता लगाएगी कि रिश्वत की मांग और लेनदेन से जुड़े अन्य कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं। संबंधित मामले की पुलिस फाइल, राजीनामा दस्तावेज और वाहन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं।
ACB की वरिष्ठ अधिकारी स्मिता श्रीवास्तव और एस. परिमला के निर्देशन में आगे की कार्रवाई किए जाने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है।
पुलिसकर्मी के खिलाफ ACB की कार्रवाई क्यों महत्वपूर्ण?
पुलिस थाने में दर्ज किसी मामले की जांच के दौरान अधिकारी के पास कई तरह की जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति से जांच में राहत, वाहन छोड़ने या मामले में कार्रवाई नहीं करने के बदले रिश्वत मांगे जाने की शिकायत आती है तो ACB शिकायत का सत्यापन कर सकती है।
राजस्थान ACB भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की जांच और ट्रैप कार्रवाई के लिए जिम्मेदार एजेंसी है। राजस्थान सरकार की ACB वेबसाइट के अनुसार, ब्यूरो भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करने के साथ ट्रैप केस, आय से अधिक संपत्ति, गबन और पद के दुरुपयोग से जुड़े मामलों की जांच करता है। ACB की हेल्पलाइन 1064 और WhatsApp हेल्पलाइन 9413502834 भी उपलब्ध है।
राजस्थान में लगातार सामने आ रहे ACB ट्रैप
राजस्थान में हाल के दिनों में रिश्वत के मामलों में ACB की कई कार्रवाई सामने आई हैं। सितंबर 2026 में भी जयपुर के नाहरगढ़ थाने में तैनात एक पुलिस अधिकारी को 10 हजार रुपए की कथित रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर सामने आई थी। उस मामले में जब्त मोबाइल फोन और पर्स वापस करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था।
इसके अलावा राजस्थान ACB की आधिकारिक सूची में सितंबर 2026 में नागौर के कोतवाली थाने के एक सहायक उप निरीक्षक को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जाने की कार्रवाई भी दर्ज है।
इन मामलों में एक समान पहलू यह है कि शिकायत मिलने के बाद ACB पहले आरोपों का सत्यापन करती है और उसके बाद परिस्थितियों के अनुसार ट्रैप कार्रवाई की जाती है।
शिकायतकर्ता ने ACB से की थी शिकायत
सांगानेर सदर थाने के इस मामले में भी कार्रवाई की शुरुआत शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मामले में राहत देने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन किया। सत्यापन में रिश्वत की मांग से संबंधित तथ्य सामने आने के बाद ट्रैप ऑपरेशन किया गया।
इसके बाद जब आरोपी ने कथित तौर पर 10 हजार रुपए स्वीकार किए तो ACB टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
पिकअप वाहन और राजीनामा बना मामले का मुख्य बिंदु
पूरे मामले में पिकअप वाहन और राजीनामा दस्तावेज महत्वपूर्ण कड़ी बताए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार, पिकअप वाहन को छोड़ने और सह-परिवादी को मामले में आरोपी नहीं बनाने को लेकर रिश्वत की मांग की गई थी।
बाद में राजीनामा से जुड़े दस्तावेज लिए गए और 10 हजार रुपए की राशि स्वीकार किए जाने के बाद ACB ने कार्रवाई की।
अब जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि संबंधित मूल प्रकरण में क्या आरोप थे, राजीनामा किन पक्षों के बीच हुआ था और पुलिस रिकॉर्ड में वाहन की स्थिति क्या थी। इन बिंदुओं पर आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आएगी।
आगे क्या होगा?
ACB द्वारा ट्रैप कार्रवाई के बाद आरोपी ASI के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में जांच के बाद संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
मामले में ACB की जांच यह भी स्पष्ट करेगी कि रिश्वत की मांग केवल इसी कार्रवाई तक सीमित थी या इसके पीछे कोई अन्य पहलू भी था। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े जाने की कार्रवाई की पुष्टि रिपोर्टों में हुई है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि आरोपी पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगा।
राजस्थान ACB से कैसे करें शिकायत?
अगर किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने का आरोप हो तो नागरिक राजस्थान ACB से शिकायत कर सकते हैं। राजस्थान सरकार की आधिकारिक ACB वेबसाइट पर 1064 हेल्पलाइन, WhatsApp नंबर 9413502834 और शिकायत के लिए ईमेल complt.acb@rajasthan.gov.in दिया गया है।
ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता को उपलब्ध दस्तावेज, मैसेज, कॉल डिटेल या अन्य संबंधित जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए और स्वयं से कोई जोखिम उठाने के बजाय संबंधित एजेंसी को सूचना देनी चाहिए।
निष्कर्ष
जयपुर के सांगानेर सदर थाने में ACB की इस कार्रवाई में ASI महेश चंद मीणा को 10 हजार रुपए की कथित रिश्वत लेते पकड़ा गया। ACB के मुताबिक रिश्वत की मांग पिकअप वाहन छोड़ने और सह-परिवादी को मामले में आरोपी नहीं बनाने से जुड़ी थी। राजीनामा के दस्तावेज लेने और सह-परिवादी से पूछताछ के बाद रकम लेने के दौरान टीम ने ट्रैप किया और राशि बरामद की। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
