होर्मुज के पास जहाज पर ड्रोन हमला, 2 भारतीय नाविक लापता: भारत ने कहा- हमले बंद हों; 3 दिन में भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमले
नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। 11 अक्टूबर 2026 को ओमान के पास वाणिज्यिक जहाज MT Petro Dolphin पर ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय नाविक लापता हो गए। जहाज पर कुल 11 भारतीय नाविक सवार थे। घटना के बाद भारतीय अधिकारियों ने लापता नाविकों की तलाश और अन्य क्रू सदस्यों की सहायता के लिए ओमान के अधिकारियों तथा जहाज प्रबंधन कंपनी से संपर्क किया है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए इन्हें तत्काल रोकने की मांग की। सरकार ने तनाव कम करने, बातचीत और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
MT Petro Dolphin पर ड्रोन हमला, दो नाविकों की तलाश जारी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 11 अक्टूबर को ओमान के सोहर एंकरिज के पास MT Petro Dolphin को ड्रोन से निशाना बनाया गया। हमले के बाद जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से दो लापता बताए गए।
लापता नाविकों का पता लगाने के लिए खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। भारतीय दूतावास, मस्कट स्थानीय अधिकारियों और जहाज प्रबंधन कंपनी के साथ समन्वय कर रहा है। फिलहाल दोनों नाविकों की स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
इस घटना ने समुद्री जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत के हजारों नागरिक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर काम करते हैं और खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले समुद्री मार्ग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
दूसरे जहाज MT Valthera पर भी हमला
11 अक्टूबर को ही क्षेत्र में एक अन्य वाणिज्यिक जहाज MT Valthera पर भी हमला हुआ। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले इस टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किए जाने की सूचना है। इसके बाद जहाज में आग लग गई।
रिपोर्टों के अनुसार, इस जहाज पर मौजूद सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए। दोनों जहाजों से जुड़ी घटनाओं के बाद भारत ने समुद्री परिवहन पर हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई।
अभी इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार पक्ष को लेकर उपलब्ध जानकारी के आधार पर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। जांच और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी से ही हमलों की परिस्थितियों के बारे में स्पष्टता आएगी।
तीन दिनों में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमलों की घटनाएं
हाल के दिनों में भारतीय क्रू वाले कई जहाजों से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं। 6 अक्टूबर को पनामा के झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज MT On Peace पर हमले की खबर आई थी। इस घटना में 11 भारतीय नाविकों सहित कई क्रू सदस्य घायल हुए थे। उन्हें ओमान की सहायता से सुरक्षित निकालकर चिकित्सा सहायता दी गई।
इसके बाद 9 अक्टूबर को संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह के पास लंगर डाले टैंकर MT GEM NO. 2 पर ड्रोन हमला हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, जहाज पर मौजूद सभी 22 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित थे।
11 अक्टूबर को MT Petro Dolphin पर ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय नाविक लापता हो गए, जबकि उसी दिन MT Valthera पर भी हमला हुआ।
इन घटनाओं से स्पष्ट है कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर जोखिम बना हुआ है। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं की परिस्थितियां और जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित जांचों के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
भारत ने क्या कहा?
भारत के विदेश मंत्रालय ने 11 अक्टूबर को होर्मुज क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की। सरकार ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा प्राथमिकता है।
भारत ने संबंधित पक्षों से तनाव कम करने और मौजूदा संघर्ष का समाधान बातचीत तथा कूटनीति के जरिए निकालने का आग्रह किया। सरकार ने यह भी कहा कि वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाली घटनाएं बंद होनी चाहिए।
भारतीय दूतावास, मस्कट लापता नाविकों की तलाश और प्रभावित क्रू सदस्यों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए ओमान के अधिकारियों तथा जहाज प्रबंधन कंपनियों के संपर्क में है।
होर्मुज जलडमरूमध्य इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। खाड़ी क्षेत्र से दुनिया के कई देशों तक कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और प्राकृतिक गैस पहुंचाने में इस मार्ग की अहम भूमिका है।
इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और माल ढुलाई की लागत पर असर पड़ सकता है। सुरक्षा जोखिम बढ़ने पर जहाजों के बीमा प्रीमियम और परिवहन खर्च में भी वृद्धि हो सकती है।
भारत के लिए यह मार्ग इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा होता है। इस क्षेत्र में लंबे समय तक तनाव बने रहने पर तेल की कीमतों और आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है। हालांकि, कीमतों में वास्तविक बदलाव कई वैश्विक कारकों पर निर्भर करता है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
लगातार सामने आ रही घटनाओं ने समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा का सवाल फिर उठाया है। जहाजों पर काम करने वाले क्रू सदस्यों को संघर्ष वाले क्षेत्रों से गुजरते समय अतिरिक्त जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे मामलों में जहाज संचालकों, समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित देशों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है। किसी जहाज पर हमला होने के बाद क्रू सदस्यों की स्थिति की पुष्टि, घायलों को चिकित्सा सहायता और लापता लोगों की तलाश प्राथमिकता बन जाती है।
फिलहाल MT Petro Dolphin के दो लापता भारतीय नाविकों की तलाश पर ध्यान केंद्रित है। उनकी स्थिति को लेकर आगे आने वाली आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
आगे क्या होगा?
भारत सरकार और ओमान के अधिकारी लापता नाविकों की तलाश तथा प्रभावित जहाजों से जुड़े मामलों पर समन्वय कर रहे हैं। भारत ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले रोकने और समुद्री आवाजाही सुरक्षित रखने की मांग दोहराई है।
होर्मुज क्षेत्र में आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि सुरक्षा संबंधी घटनाओं को रोकने, तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए संबंधित पक्ष क्या कदम उठाते हैं।
