गुवाहाटी से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट के साथ रविवार, 27 सितंबर 2026 को लैंडिंग के दौरान घटना हो गई। फ्लाइट 6E 6542 का पिछला हिस्सा यानी टेल रनवे से टकरा गया। यह घटना बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई। एयरलाइन ने इसे “Abnormal Runway Contact” बताया है। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सुरक्षित रहे और सभी को विमान से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, विमान ने पहली बार लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन तेज हवाओं के कारण उसे go-around करना पड़ा। इसके बाद दूसरी लैंडिंग कोशिश के दौरान विमान के पिछले हिस्से का रनवे से संपर्क हुआ। विमान ने इसके बावजूद सुरक्षित रूप से लैंडिंग पूरी की। घटना के बाद विमान को आगे की जांच और मेंटेनेंस के लिए ग्राउंड कर दिया गया है।

गुवाहाटी से बेंगलुरु जा रही थी फ्लाइट
इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 6542 गुवाहाटी से बेंगलुरु के लिए संचालित हो रही थी। विमान एयरबस A321neo था। बेंगलुरु पहुंचने पर मौसम की स्थिति में तेज हवाओं का असर था।
पहली लैंडिंग अप्रोच के दौरान पायलटों ने go-around किया। इसके बाद विमान ने दोबारा लैंडिंग की कोशिश की। इसी दौरान विमान के टेल सेक्शन का रनवे से संपर्क हुआ। रिपोर्टों में इसे tail strike यानी विमान के पिछले हिस्से के रनवे से टकराने की घटना बताया गया है।
इंडिगो ने अपने बयान में कहा कि घटना के समय मौसम में तेज हवाएं चल रही थीं। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को सुरक्षित तरीके से विमान से उतार लिया गया।
सभी यात्री और क्रू सुरक्षित
इस घटना में किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की जानकारी नहीं है। इंडिगो के अनुसार, विमान के सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया।
घटना के बाद एयरलाइन ने अपने मानक संचालन नियमों के तहत संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी। विमान की विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। आवश्यक जांच और मंजूरी मिलने के बाद ही विमान को दोबारा संचालन में लाया जाएगा।
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए विमान को तत्काल सेवा से हटा दिया गया। इससे विमान की तकनीकी स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया जा सकेगा और यह पता लगाया जा सकेगा कि टेल स्ट्राइक से विमान के किस हिस्से पर कितना प्रभाव पड़ा।
क्या होता है Tail Strike?
जब किसी विमान का पिछला हिस्सा, खासकर उसका tail section, टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान रनवे से संपर्क करता है, तो इसे tail strike कहा जाता है। यह घटना खासतौर पर तब हो सकती है जब विमान की नोज ऊपर की ओर ज्यादा उठ जाए या go-around जैसी स्थिति में विमान तेजी से ऊपर उठने की प्रक्रिया में हो।
Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों और विमान निर्माता के सुरक्षा दस्तावेजों में go-around के दौरान कम ऊंचाई पर tail strike के जोखिम का उल्लेख किया गया है। A321 जैसे लंबे विमान में tail strike की संभावना से जुड़े विशेष ऑपरेशनल पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाता है।
हालांकि tail strike होने का मतलब यह नहीं है कि विमान तुरंत असुरक्षित हो जाता है। घटना के बाद विमान की तकनीकी जांच जरूरी होती है, ताकि संरचना और दूसरे महत्वपूर्ण हिस्सों को हुए संभावित नुकसान का पता लगाया जा सके।
DGCA ने शुरू की जांच
बेंगलुरु में हुई इस घटना के बाद विमानन नियामक DGCA यानी Directorate General of Civil Aviation भी मामले की जांच कर रहा है। जांच में यह देखा जा सकता है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें मौसम, विमान संचालन, पायलट प्रक्रिया या अन्य कोई तकनीकी कारण शामिल था।
रिपोर्टों के मुताबिक, DGCA ने इंडिगो के साथ इस मुद्दे को उठाया है। एयरलाइन ने बताया है कि संबंधित क्षेत्र में पायलट ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान बढ़ाया गया है।
जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सटीक कारणों और किसी संभावित प्रक्रियात्मक या तकनीकी कमी के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
हाल के दिनों में IndiGo से जुड़ी घटनाओं पर नजर
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब इंडिगो के कुछ विमानों से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं की वजह से विमानन क्षेत्र में सुरक्षा प्रक्रियाओं पर ध्यान बढ़ा है।
27 सितंबर की घटना से कुछ दिन पहले, 22 सितंबर को लंदन से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 04 को टेकऑफ के कुछ समय बाद तकनीकी समस्या का पता चलने पर वापस लंदन हीथ्रो लौटना पड़ा था। उस फ्लाइट के सभी यात्री सुरक्षित रहे थे।
इसके अलावा अगस्त में दिल्ली से गोरखपुर जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E 2381 ने लैंडिंग के दौरान सुरक्षा के लिहाज से go-around किया था। बाद की जांच में विमान के tail section के पास मामूली निशान पाए गए थे और विमान को निरीक्षण के लिए अस्थायी रूप से ग्राउंड किया गया था।
इन घटनाओं के कारण इंडिगो के A321 विमानों से जुड़े tail strike मामलों पर DGCA की निगरानी बढ़ी है।
क्या यह इंडिगो की छठी घटना है?
आपकी दी गई खबर में इसे 47 दिनों में इंडिगो से जुड़ी छठी घटना बताया गया है। हालांकि उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में इस घटना को हाल के कई IndiGo A321 tail-strike मामलों की श्रृंखला से जोड़ा गया है, लेकिन “47 दिनों में छठी घटना” की पूरी सूची और उसकी समान परिभाषा एक ही आधिकारिक स्रोत में उपलब्ध नहीं मिली है।
इसलिए इस आंकड़े को खबर में रिपोर्टेड दावा के रूप में रखना अधिक उचित है, जबकि मौजूदा घटना और DGCA जांच की जानकारी स्वतंत्र समाचार रिपोर्टों से पुष्टि होती है।
विमान की तकनीकी जांच जारी
इंडिगो ने बताया है कि विमान को मेंटेनेंस जांच के लिए रखा गया है। विमान को तभी दोबारा उड़ान के लिए इस्तेमाल किया जाएगा जब आवश्यक तकनीकी जांच पूरी हो जाए और संबंधित मंजूरी मिल जाए।
टेल स्ट्राइक के बाद विमान की जांच में tail section, fuselage और अन्य संबंधित संरचनाओं को देखा जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि विमान आगे की उड़ान के लिए पूरी तरह सुरक्षित और तकनीकी रूप से फिट है।
घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित तरीके से विमान से उतार लिया गया। एयरपोर्ट के सामान्य संचालन पर भी इस घटना का कोई बड़ा असर पड़ने की जानकारी सामने नहीं आई है।
मौसम भी जांच का अहम हिस्सा
इस मामले में मौसम की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। इंडिगो ने अपने बयान में कहा कि घटना के समय बेंगलुरु एयरपोर्ट पर तेज हवाएं चल रही थीं। पहली लैंडिंग कोशिश के बाद go-around और दूसरी कोशिश के दौरान हुई runway contact को जांच के दौरान मौसम की परिस्थितियों के साथ देखा जाएगा।
हालांकि, केवल तेज हवाओं को घटना का अंतिम कारण मानना अभी उचित नहीं होगा। DGCA की जांच और विमान की तकनीकी रिपोर्ट के बाद ही यह पता चलेगा कि घटना के पीछे मुख्य कारण क्या था।
यात्रियों में राहत, लेकिन सुरक्षा जांच अहम
घटना के बाद सबसे बड़ी राहत यह रही कि फ्लाइट में सवार सभी यात्री और क्रू सुरक्षित रहे। विमान ने दूसरी कोशिश में सुरक्षित लैंडिंग पूरी की और यात्रियों को विमान से बाहर निकाल लिया गया।
अब सबसे महत्वपूर्ण चरण विमान की तकनीकी जांच और नियामक जांच का है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि tail strike किन परिस्थितियों में हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन प्रक्रियाओं या प्रशिक्षण पहलुओं पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

निष्कर्ष
गुवाहाटी से बेंगलुरु जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E 6542 के साथ रविवार को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान tail strike की घटना हुई। विमान ने पहली लैंडिंग कोशिश के बाद go-around किया और दूसरी कोशिश में सुरक्षित लैंडिंग की। सभी यात्री और क्रू सुरक्षित रहे।
घटना के बाद विमान को तकनीकी जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है और DGCA ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल जांच से पहले घटना का अंतिम कारण तय करना जल्दबाजी होगी। मौसम में तेज हवाएं, go-around और विमान की तकनीकी स्थिति समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है।