जयपुर/टोंक। राजस्थान के चर्चित समरावता SDM थप्पड़ कांड में नरेश मीणा को बड़ी कानूनी राहत मिली है। मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को जमानत दे दी। रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस अनिल कुमार उपमन की अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर यह आदेश दिया।
नरेश मीणा को इससे पहले इसी मामले में हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी, लेकिन बाद में टोंक की विशेष SC/ST अदालत ने जमानत की शर्तों के उल्लंघन के आधार पर उनकी जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद उन्होंने 6 अगस्त को नगरफोर्ट थाने में सरेंडर किया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

13 जुलाई को SC/ST कोर्ट ने रद्द की थी जमानत
नरेश मीणा को समरावता मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने 11 जुलाई 2025 को जमानत दी थी। वह करीब आठ-नौ महीने न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जेल से बाहर आए थे।
हालांकि, 13 जुलाई 2026 को टोंक की विशेष SC/ST अदालत ने उनकी जमानत रद्द कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया था कि हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई जमानत शर्तों का पालन नहीं किया गया। अदालत ने इसके साथ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था।
6 अगस्त को किया था सरेंडर
जमानत रद्द होने के बाद नरेश मीणा ने 6 अगस्त 2026 को नगरफोर्ट पुलिस थाने में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें टोंक की विशेष SC/ST अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
उनकी जमानत याचिका पर बाद में सुनवाई हुई थी। 11 अगस्त को टोंक की विशेष SC/ST अदालत ने नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उनके वकील ने हाईकोर्ट का रुख करने की बात कही थी।
क्या है SDM थप्पड़ कांड?
यह मामला 13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान टोंक जिले के समरावता गांव में हुई घटना से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा ने तत्कालीन SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। घटना के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन और हिंसा की स्थिति बनी थी।
इस मामले में नगरफोर्ट थाने में FIR दर्ज की गई थी। नरेश मीणा को बाद में गिरफ्तार किया गया और मामला अदालत में चला।
पहले भी मिल चुकी थी हाईकोर्ट से जमानत
राजस्थान हाईकोर्ट ने मई 2025 में SDM से जुड़े मामले में नरेश मीणा को जमानत दी थी। बाद में जुलाई 2025 में समरावता में हुई हिंसा और आगजनी से जुड़े अलग मामले में भी उन्हें जमानत मिली थी। हालांकि 2026 में जमानत शर्तों के उल्लंघन के आरोप के बाद टोंक की विशेष अदालत ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी।
अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद क्या होगा?
22 सितंबर को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब नरेश मीणा की रिहाई की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, किसी आरोपी को जमानत मिलना मामले का अंतिम फैसला नहीं होता। मुख्य आपराधिक मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रह सकती है।
उनकी रिहाई की वास्तविक तारीख जेल प्रशासन को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति और जरूरी कानूनी औपचारिकताएं प्राप्त होने के बाद स्पष्ट होगी।
नरेश मीणा मामले में घटनाक्रम
- 13 नवंबर 2024: देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान समरावता में SDM को थप्पड़ मारने की घटना।
- 2025: राजस्थान हाईकोर्ट से संबंधित मामलों में जमानत मिली।
- 13 जुलाई 2026: टोंक SC/ST कोर्ट ने जमानत शर्तों के उल्लंघन के आधार पर जमानत रद्द की।
- 6 अगस्त 2026: नरेश मीणा ने नगरफोर्ट थाने में सरेंडर किया।
- 11 अगस्त 2026: SC/ST कोर्ट ने नियमित जमानत याचिका खारिज की।
- 22 सितंबर 2026: राजस्थान हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को जमानत दी।