नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। केरल में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से मौतों का मामला सामने आया है, जबकि उत्तर प्रदेश में नदी और जलभराव वाले इलाकों में हालात बिगड़े हुए हैं। गुजरात के भावनगर और राजकोट में भी तेज बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी भर गया।

केरल में फ्लैश फ्लड से 5 लोगों की मौत
केरल के मलप्पुरम जिले के नीलांबुर इलाके में अचानक आई बाढ़ के कारण पांच लोगों की मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, कोट्टापुझा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से छह लोग पानी की चपेट में आ गए थे। रविवार को दो शव बरामद किए गए थे, जबकि सोमवार को तीन और शव मिले। बचाव दल अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, नदी में अचानक आई बाढ़ की वजह ऊपरी वन क्षेत्र में हुई भारी बारिश बताई गई है। पानी का स्तर कम होने के बाद राहत और बचाव अभियान को तेज किया गया है।
केरल के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को केरल के छह जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पथनमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर इसके दायरे में हैं।
इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान जताया गया है। कई अन्य जिलों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इडुक्की में लैंडस्लाइड, भाई-बहन की मौत
इडुक्की जिले के वट्टावडा क्षेत्र में भी भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड की घटना सामने आई। कोट्टाक्कम्बूर इलाके में मिट्टी और मलबा गिरने से एक परिवार के दो भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि एक महिला घायल हुई।
स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया और घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया। बारिश के कारण इलाके में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
यूपी में तीन बच्चों की डूबने से मौत
उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी लगातार बारिश और जलभराव से परेशानी बनी हुई है। बाराबंकी में बारिश के पानी से भरे एक गड्ढे में नहाने के दौरान तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई।
वहीं, उन्नाव में जलमग्न इलाकों में लोगों की आवाजाही के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ललितपुर में बेतवा नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने की जानकारी सामने आई है। कुछ अन्य इलाकों में छोटे पुल भी जलमग्न हुए हैं।
ललितपुर में बारिश से नुकसान
ललितपुर में बारिश के मौसम के दौरान बिजली गिरने, डूबने और सर्पदंश से बड़ी संख्या में मौतें दर्ज की गई हैं। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई से 15 सितंबर के बीच जिले में डूबने से 38, सर्पदंश से 27 और बिजली गिरने से 8 लोगों की मौत हुई। बारिश से 144 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी दी गई है।
गुजरात में भावनगर और राजकोट में जलभराव
गुजरात के कई हिस्सों में भी तेज बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गईं। भावनगर के महुवा और राजकोट जिले के गोंडल में तेज बारिश के कारण सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है।
राजकोट शहर में इससे पहले हुई तेज बारिश के दौरान कालावड रोड, याज्ञिक रोड, 150 फीट रिंग रोड और गोंडल रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर भारी जलभराव हुआ था, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
गिरनार में फंसे श्रद्धालुओं को बचाया गया
जूनागढ़ के गिरनार क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के कारण आत्मेश्वर महादेव मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते में 40 से ज्यादा श्रद्धालुओं के फंसने की जानकारी सामने आई। वन विभाग और फायर ब्रिगेड की टीमों ने अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
राजस्थान में मानसून की विदाई शुरू
दूसरी ओर राजस्थान में मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है। बारिश की गतिविधियां कम होने के बाद कई इलाकों में तापमान बढ़ा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, जैसलमेर में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि सोमवार को राज्य के कुछ जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट था।

कई राज्यों में मौसम पर नजर
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग बना हुआ है। दक्षिण भारत में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है।
केरल में जहां प्रशासन को लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड के खतरे के बीच सतर्क रहना पड़ रहा है, वहीं यूपी और गुजरात में जलभराव तथा नदियों के बढ़ते जलस्तर से स्थानीय जनजीवन प्रभावित है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग के अलर्ट और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखना जरूरी होगा।