
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, आम जनता व व्यापारियों को झेलना पड़ा नुकसान! आम आदमी में बना रहता था डर का माहौल
एक लोकतंत्र में धरना प्रदर्शन सामान्य बात है वो इसलिए कि यदि हम किसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करते हैं तो उसका भी एक तरीका और मानदंड होता है। लेकिन जब नियमों का उल्लघंन करके ऐसा किया जाता है तो उससे आमजन की दिनचर्या व रोजी रोटी बाधित होती है। ऐसा ही पिछले दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहा था।
पिछले 15 दिनों से जंतर-मंतर के आस पास ख़ान मार्केट से लेकर जनपथ तक कारोबार एकदम बाधित रहा। जाहिर सी बात है इतनी भारी संख्या में भीड़ और धक्का मुक्की जैसे हालात में भय का माहौल हो जाता है। इसे देखते हुए दुकानें बंद करनी पड़ती हैं। दूसरी तरफ ग्राहक भी सुरक्षा को देखते हुए बाहर निकलने में परहेज करते हैं। अब जबकि सरकार ने जंतर-मंतर को डिनोटिफाइड कर दिया है तो आस पास रहने वाले लोगों को बहुत राहत मिली है। उन्होंने सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए अपने पिछले अनुभवों को साझा किया।
दुकानें बंद करना मजबूरी:
जंतर-मंतर के आस पास के दुकानदारों ने बताया कि उन्हें आर्थिक नुकसान तो हुआ ही लेकिन इसके साथ ही सुरक्षा की चिंता थी क्योंकि इस प्रदर्शन में बहुत से अवांछित लोगों की मौजूदगी से भय का माहौल था। इसी भय के चलते दुकानें बंद करनी पड़ीं।
ग्राहकों की गैरमौजूदगी से हुआ बहुत आर्थिक नुकसान:
इस धरना प्रदर्शन के चलते वहां स्थित रेस्टोरेंट वालों को बहुत नुकसान हुआ। उस रास्ते पर बैरिकेडिंग के कारण कस्टमर रेस्टोरेंट तक जाने में असमर्थ थे। इस तरह कई नियमित ग्राहकों का आना भी बंद हो गया था। इस प्रकार रेस्टोरेंट मालिकों को रोजाना हजारों रूपए का नुक़सान झेलना पड़ा।
आम जन की परेशानियों को नजरंदाज किया प्रदर्शनकारियों ने:
वहां के स्थानीय निवासियों ने इस बात पर बहुत दुःख जताया कि लगातार बढ़ती बेकाबू भीड़ ने रास्तों और बजार की स्थिति चौपट कर रक्खी थी। ऐसे में घर से निकल कर ज़रूरी सामान लाना भी मुश्किल हो गया था। इन लोगों ने ये भी कहा कि प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन की आड़ में हमारे हितों को अनदेखा किया।
ख़ान मार्केट में पिछले पंद्रह दिनों से कारोबार लगभग बंद रहा:
ख़ान मार्केट के एक व्यापारी ने कहा कि इस तरह के प्रदर्शन के चलते हमें हमेशा जान माल का भय बना रहता था। भीड़ कब क्या कर बैठेगी, पता नहीं चलता। अतः नुकसान का जोखिम उठाते हुए भी हमने असुरक्षा के भय से दुकानें बंद रखीं थीं।
व्यापारियों ने अपना दुःख बयां करते हुए कहा इस समय त्योहार का सीज़न है और ग्राहक नजर नहीं आ रहे हैं। दरअसल ग्राहक इस तरफ आने में ही डर रहे हैं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इसके पहले भी जंतर-मंतर मंतर पर प्रदर्शन हुए हैं लेकिन ऐसी स्थिति शायद ही कभी आई।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने अब जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट के लिए डिनोटिफाइड कर दिया है जिसके तहत अब जंतर-मंतर का इस्तेमाल प्रदर्शन के लिए नहीं किया जाएगा। सरकार ने उसके स्थान पर तीन नए स्थानों को निर्धारित किया है।