
Atal Innovation Mission: लॉन्च डेट, उद्देश्य, ATL, AIC और AIM 2.0 की पूरी जानकारी
Atal Innovation Mission (AIM) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है। नीति आयोग के तत्वावधान में संचालित यह मिशन देश के कोने-कोने में नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और छात्रों को एक मंच प्रदान करता है, जहाँ वे अपने विचारों को वास्तविकता में बदल सकें। यह मिशन न केवल तकनीकी विकास पर केंद्रित है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति देने का कार्य कर रहा है।
अटल इनोवेशन मिशन का नाम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है, जो स्वयं एक दूरदर्शी नेता और कवि थे। उनका सपना था कि भारत एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बने। अटल इनोवेशन मिशन उसी सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Atal Innovation Mission की शुरुआत और लॉन्च डेट
Atal Innovation Mission (AIM) की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी। इसे नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा शुरू किया गया था, जो भारत सरकार का प्रमुख नीति थिंक टैंक है। मिशन का उद्देश्य स्कूलों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योगों में नवाचार और उद्यमिता को राष्ट्रव्यापी स्तर पर बढ़ावा देना है।
हालांकि, कुछ स्थानों पर इसके लॉन्च की तारीख को लेकर थोड़ी भिन्नता देखने को मिलती है। एक सरकारी दस्तावेज़ के अनुसार, फरवरी 2022 में अटल इनोवेशन मिशन ने अपने लॉन्च के 6 वर्ष पूरे किए थे, जिसका अर्थ है कि इसकी शुरुआत 2016 में हुई थी। मिशन की आधिकारिक वेबसाइट भी पुष्टि करती है कि इसे 2016 में स्थापित किया गया था।
वर्ष 2024 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने Atal Innovation Mission को 31 मार्च, 2028 तक के लिए 2,750 करोड़ रुपये के बढ़े हुए बजट के साथ जारी रखने की मंजूरी दी है। इस नए चरण को AIM 2.0 के नाम से जाना जाता है।
Atal Innovation Mission के मुख्य उद्देश्य
Atal Innovation Mission के कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं जो इसे भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा बनाते हैं। इसका प्राथमिक लक्ष्य देश में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति का निर्माण और प्रचार करना है। मिशन का उद्देश्य अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नए कार्यक्रम और नीतियां विकसित करना है।
मिशन विभिन्न हितधारकों के लिए मंच और सहयोग के अवसर प्रदान करता है, ताकि वे मिलकर देश के नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को आगे बढ़ा सकें। इसके अतिरिक्त, AIM का उद्देश्य एक व्यापक संरचना बनाना है जो देश के नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र की देखरेख कर सके।
मिशन का एक और महत्वपूर्ण लक्ष्य है – भारत के एक लाख बच्चों को नए विचारों वाले नवप्रवर्तकों के रूप में विकसित करना। इस दृष्टि को ‘कल्टीवेट वन मिलियन चिल्ड्रन इन इंडिया एज़ नियोटेरिक इनोवेटर्स’ के रूप में परिभाषित किया गया है।
अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL): स्कूली शिक्षा में नवाचार की नींव
अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) अटल इनोवेशन मिशन का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य स्कूली स्तर पर छात्रों में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को रटने की पद्धति से दूर ले जाकर सृजनशीलता, समस्या समाधान और नवाचार की ओर मोड़ना है।
ATL के तहत देशभर के स्कूलों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जहाँ छात्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। इन प्रयोगशालाओं में छात्रों को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), 3D प्रिंटिंग और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों से परिचित कराया जाता है।
वर्तमान में, 722 जिलों में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की जा चुकी हैं, जिनसे 1.1 करोड़ से अधिक छात्र जुड़े हैं। इन प्रयोगशालाओं में छात्रों ने 16 लाख से अधिक नवाचार परियोजनाएं विकसित की हैं। सरकार की योजना दिसंबर 2025 तक 50,000 और ATL स्थापित करने की है।
ATL कार्यक्रम की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 12 अगस्त, 2025 को आयोजित ‘मेगा टिंकरिंग डे’ ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाई। यह एक दिन में सबसे बड़ी छात्र टिंकरिंग गतिविधि का विश्व रिकॉर्ड था।
अटल इनक्यूबेशन सेंटर्स (AIC): स्टार्टअप्स का पोषण
अटल इनक्यूबेशन सेंटर्स (AIC) Atal Innovation Mission का एक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देशभर में विश्व स्तरीय इनक्यूबेशन सुविधाओं का निर्माण करना है। ये केंद्र नवीन स्टार्टअप व्यवसायों को उनके विकास और स्थायित्व की दिशा में सहायता प्रदान करते हैं।
AIC के माध्यम से स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, व्यवसाय योजना सहायता, बीज पूंजी तक पहुंच, उद्योग भागीदार और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। ये केंद्र विभिन्न क्षेत्रों जैसे विनिर्माण, परिवहन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जल और स्वच्छता आदि में स्थापित किए जा रहे हैं।
वर्तमान में, AIM ने 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 83 AIC और 20 अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर्स (ACIC) स्थापित किए हैं। इन केंद्रों में 6,782 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया गया है, जिनमें 2,000 से अधिक महिला-नेतृत्व वाले और सामाजिक रूप से समावेशी स्टार्टअप्स शामिल हैं।
हाल के आंकड़ों के अनुसार, 72 AIC ने 3,500 से अधिक स्टार्टअप्स को पोषित किया है, 32,000 से अधिक नौकरियां सृजित की हैं और 1,000 से अधिक महिला-प्रमुख उद्यमों को समर्थन दिया है। इन केंद्रों को 6,200 से अधिक ‘मेंटर्स ऑफ चेंज’ का समर्थन प्राप्त है।
अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर्स (ACIC): वंचित क्षेत्रों तक पहुंच
अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर्स (ACIC) का उद्देश्य उन क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देना है जहाँ अभी तक तकनीकी और उद्यमिता की पहुंच नहीं हो पाई है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों, आकांक्षी जिलों, जनजातीय, पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित है।
ACIC के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए एक प्री-इनक्यूबेशन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में AIM द्वारा 2.5 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाता है, जिसमें साझेदारों से भी बराबर या अधिक का योगदान अपेक्षित होता है।
अब तक 14 ACIC स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश के दूरदराज और वंचित हिस्सों में नवाचार के अवसरों को लोकतांत्रिक बनाने का काम कर रहे हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य उन समुदायों तक तकनीक-संचालित नवाचार पहुंचाना है जो अभी तक मुख्यधारा की विकास प्रक्रिया से वंचित रह गए हैं।
अटल न्यू इंडिया चैलेंजेस (ANIC): राष्ट्रीय महत्व की चुनौतियों का समाधान
अटल न्यू इंडिया चैलेंजेस (ANIC) अटल इनोवेशन मिशन का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य उन तकनीक-आधारित नवाचारों की पहचान करना, उन्हें वित्तपोषित करना और मार्गदर्शन देना है जो महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और सामाजिक चुनौतियों का समाधान कर सकें।
इस कार्यक्रम के तहत चयनित स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप चरण में 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाता है, साथ ही 12-18 महीनों तक व्यावसायीकरण सहायता भी दी जाती है। ANIC के पहले चरण में 53 स्टार्टअप्स को समर्थन दिया गया, जबकि दूसरे चरण में 88 स्टार्टअप्स को फंडिंग और मेंटरशिप के लिए चुना गया है।
AIM ने केंद्र सरकार के पांच विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ साझेदारी में 24 से अधिक अटल न्यू इंडिया चैलेंजेस लॉन्च किए हैं। इनके लिए 950 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 52 विजेताओं का चयन किया गया था।
मेंटर ऑफ चेंज: मार्गदर्शन का विशाल नेटवर्क
Atal Innovation Mission का एक और महत्वपूर्ण स्तंभ ‘मेंटर इंडिया – द मेंटर्स ऑफ चेंज’ कार्यक्रम है। यह देश के सबसे बड़े मेंटर एंगेजमेंट अभियानों में से एक है, जिसके तहत उद्योग, शिक्षा जगत, गैर-सरकारी संगठनों और सार्वजनिक-निजी पारिस्थितिकी तंत्र से 6,200 से अधिक मेंटर्स पंजीकृत हैं।
ये मेंटर्स ATL और AIC जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों और उद्यमियों को मार्गदर्शन, विशेषज्ञता और साझेदारी प्रदान करते हैं। मेंटरशिप के माध्यम से नवप्रवर्तकों को अपने विचारों को विकसित करने और उन्हें सफल व्यवसायों में बदलने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
सामुदायिक नवाचार फेलोशिप (CIF)
कम्युनिटी इनोवेटर फेलोशिप (CIF) कार्यक्रम UNDP इंडिया के साथ साझेदारी में कार्यान्वित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उभरते हुए सामुदायिक नवप्रवर्तकों को वह ज्ञान, मार्गदर्शन और बुनियादी ढांचा सहायता प्रदान करना है जो जमीनी स्तर पर उद्यमिता और सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।
एक वर्ष की इस गहन फेलोशिप में, प्रत्येक फेलो को एक ‘अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर’ में रखा जाता है, जहाँ वे सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के प्रति जागरूकता, उद्यमशीलता और जीवन कौशल, तथा अपने स्वयं के नवाचार विचारों को विकसित करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं।
यूथ को: लैब कार्यक्रम
यूथ को: लैब कार्यक्रम का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र के युवाओं को सशक्त बनाना और उनमें निवेश करना है, ताकि वे नेतृत्व, सामाजिक नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों को गति दे सकें।
इस कार्यक्रम के तहत पैनल चर्चाओं, कार्यशालाओं और वेबिनार के माध्यम से विषय-आधारित राष्ट्रीय संवादों पर जोर दिया जाता है। साथ ही, लंबी अवधि के इनक्यूबेशन और क्षेत्रीय शिखर सम्मेलनों में प्रतिनिधित्व के माध्यम से युवा-नेतृत्व वाले नवाचारों को बढ़ावा दिया जाता है।
AIM 2.0: भविष्य की दिशा
Atal Innovation Mission का अगला चरण AIM 2.0 के रूप में जाना जाता है, जिसे भारत के नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को तीन तरीकों से मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पहला, इनपुट बढ़ाकर – यानी अधिक नवप्रवर्तकों और उद्यमियों को शामिल करके। दूसरा, सफलता दर या ‘थ्रूपुट’ में सुधार करके – यानी अधिक स्टार्टअप्स को सफल होने में मदद करके। तीसरा, ‘आउटपुट’ की गुणवत्ता में सुधार करके – यानी बेहतर नौकरियों, उत्पादों और सेवाओं का उत्पादन करके।
AIM 2.0 के तहत दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। पहला ‘नवाचारों का भाषा समावेशी कार्यक्रम’ (LIPI) है, जो भारत की 22 अनुसूचित भाषाओं में नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करता है। इसका उद्देश्य उन नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और निवेशकों की कठिनाइयों को कम करना है जो अंग्रेजी नहीं बोलते। इसके तहत मौजूदा इनक्यूबेटरों में 30 वर्नाक्युलर इनोवेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
दूसरा ‘फ्रंटियर प्रोग्राम’ है, जो जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, उत्तर पूर्वी राज्यों, आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों के नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अनुकूलित टेम्पलेट तैयार करेगा, जहां भारत के 15% नागरिक रहते हैं। इसके लिए 2,500 नए ATL बनाए जाएंगे।
निष्कर्ष
Atal Innovation Mission भारत के नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र का एक अभिन्न अंग बन चुका है। यह मिशन स्कूली स्तर से लेकर उच्च शिक्षा, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योग तक एक सतत नवाचार श्रृंखला का निर्माण करता है।
ATL के माध्यम से बच्चों में जिज्ञासा और समस्या-समाधान की भावना विकसित की जाती है। AIC और ACIC के माध्यम से इन विचारों को वास्तविक उत्पादों और व्यवसायों में बदलने में मदद मिलती है। ANIC और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से इन नवाचारों को राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत 39वें स्थान पर है और दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम का घर है। Atal Innovation Mission इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को और बढ़ाने में मदद करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. Atal Innovation Mission क्या है?
Atal Innovation Mission (AIM) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे नीति आयोग द्वारा 2016 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य देशभर में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
2. Atal Innovation Mission की शुरुआत कब हुई थी?
अटल इनोवेशन मिशन की शुरुआत वर्ष 2016 में नीति आयोग द्वारा की गई थी।
3. अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) क्या हैं?
अटल टिंकरिंग लैब्स स्कूलों में स्थापित अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं हैं, जहाँ छात्र रोबोटिक्स, AI, IoT, 3D प्रिंटिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं। वर्तमान में 722 जिलों में 10,000 से अधिक ATL स्थापित किए जा चुके हैं।
4. अटल इनक्यूबेशन सेंटर्स (AIC) का क्या कार्य है?
AIC विश्व स्तरीय इनक्यूबेशन सुविधाएं प्रदान करते हैं जहाँ नवीन स्टार्टअप्स को बुनियादी ढांचा, मेंटरशिप, बीज पूंजी, उद्योग नेटवर्क और प्रशिक्षण जैसी सहायता मिलती है। AIM ने 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 83 AIC स्थापित किए हैं।
5. अटल न्यू इंडिया चैलेंजेस (ANIC) क्या है?
ANIC एक कार्यक्रम है जिसके तहत राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व की चुनौतियों का समाधान करने वाले तकनीक-आधारित नवाचारों को 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान और व्यावसायीकरण सहायता प्रदान की जाती है।
6. क्या अटल इनोवेशन मिशन महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स का समर्थन करता है?
हाँ, AIM महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन देता है। AIC और ACIC में 2,000 से अधिक महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया गया है, और 1,000 से अधिक महिला-प्रमुख उद्यमों को समर्थन दिया गया है।
7. AIM 2.0 क्या है?
AIM 2.0 अटल इनोवेशन मिशन का अगला चरण है, जिसे 31 मार्च, 2028 तक 2,750 करोड़ रुपये के बजट के साथ जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य अधिक नवप्रवर्तकों को शामिल करना, स्टार्टअप्स की सफलता दर बढ़ाना और बेहतर उत्पाद और सेवाएं तैयार करना है।
8. अटल इनोवेशन मिशन का भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में क्या योगदान है?
AIM के प्रयासों से भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। AIC ने 3,500 से अधिक स्टार्टअप्स को पोषित किया है, 32,000 से अधिक नौकरियां सृजित की हैं, और ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत 39वें स्थान पर पहुंचा है।
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