जयपुर जिले में 4 चरणों में होगा पंचायत चुनाव: जिला परिषद, 22 पंचायत समितियों और 597 ग्राम पंचायतों में 4 चरणों में होंगे चुनाव
जयपुर: राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। राज्य में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे। जयपुर जिले में भी चार चरणों में चुनाव होंगे। जिले में 22 पंचायत समितियां और 597 ग्राम पंचायतें हैं। इसके साथ ही जयपुर जिला परिषद के सदस्यों और पंचायत समिति सदस्यों के लिए भी मतदान कराया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। राजस्थान के 41 जिलों में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराए जाएंगे। प्रदेश में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए चुनाव होंगे।
जयपुर में 22 पंचायत समितियां और 597 ग्राम पंचायतें
जयपुर जिले में वर्तमान में 22 पंचायत समितियां हैं। इन पंचायत समितियों के अंतर्गत कुल 597 ग्राम पंचायतें आती हैं। पंचायत चुनाव से पहले सितंबर में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के आरक्षण की लॉटरी पूरी की गई थी।
जयपुर जिले में जिला परिषद के 57 सदस्य, 22 पंचायत समिति प्रधान और 386 पंचायत समिति सदस्य पदों का आरक्षण तय किया गया था। इसके बाद 24 सितंबर को 597 ग्राम पंचायतों के सरपंच और 5,931 वार्ड पंच पदों के आरक्षण की प्रक्रिया भी पूरी की गई।
इससे अब चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों के लिए अपने क्षेत्र की आरक्षित सीट की स्थिति भी स्पष्ट हो चुकी है।
चार चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज चुनाव के लिए चार चरण निर्धारित किए हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चार अलग-अलग तारीखों पर कराए जाएंगे।
उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान की तारीखें 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर 2026 रखी गई हैं। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।
जयपुर जिले में इन चार चरणों में अलग-अलग पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा। किस पंचायत समिति को किस चरण में मतदान करना है, इसकी जानकारी संबंधित निर्वाचन अधिसूचना और जिला प्रशासन की ओर से जारी कार्यक्रम में स्पष्ट होगी।
सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव भी चार चरणों में
पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव भी कराए जाएंगे। प्रदेश की कुल 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए चुनाव होना है। इनके अलावा ग्राम पंचायतों के वार्ड पंच भी चुने जाएंगे।
सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव अलग प्रक्रिया के तहत कराया जाएगा। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार चार चरणों में इनके मतदान की तारीखें भी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव से अलग रखी गई हैं।
सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए EVM का इस्तेमाल किया जाएगा।
जयपुर जिला परिषद में 57 सदस्य चुने जाएंगे
पंचायत चुनाव में जयपुर जिला परिषद की तस्वीर भी महत्वपूर्ण रहेगी। जिले में पुनर्गठन और परिसीमन के बाद जिला परिषद के वार्डों की संख्या 57 हो गई है।
सितंबर में इन 57 जिला परिषद सदस्य पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई थी। इसी प्रक्रिया में 22 पंचायत समितियों के प्रधान और 386 पंचायत समिति सदस्य पदों का आरक्षण भी तय हुआ था।
जिला परिषद सदस्य बाद में जिला प्रमुख के निर्वाचन की प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं। इसी तरह पंचायत समिति सदस्य अपने स्तर पर प्रधान के निर्वाचन में भूमिका निभाते हैं।
50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित
राजस्थान पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू है। राज्य के 41 जिला प्रमुख पदों में 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसी तरह 457 पंचायत समिति प्रधान पदों में 221 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। जयपुर और जोधपुर में 11-11 पंचायत समितियों के प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
जयपुर की 22 पंचायत समितियों में भी आरक्षण के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों के लिए प्रधान पद निर्धारित किए गए हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
इससे अब उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र में सीट की श्रेणी के अनुसार चुनावी तैयारी करने का आधार मिल गया है।
नामांकन प्रक्रिया कब होगी?
चुनाव कार्यक्रम के तहत जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए अलग-अलग चरणों में लोक सूचना जारी की जाएगी। पहले चरण के लिए लोक सूचना 8 अक्टूबर से जारी होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद अन्य चरणों के लिए भी निर्धारित तिथियों पर प्रक्रिया शुरू होगी।
नामांकन के बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव कार्यक्रम लागू होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। हालांकि प्रत्येक पंचायत समिति और ग्राम पंचायत में उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति नामांकन और नाम वापसी के बाद ही स्पष्ट होगी।
जयपुर में बड़ी संख्या में मतदाता करेंगे मतदान
जयपुर जिले में पंचायत चुनाव ग्रामीण क्षेत्र की स्थानीय सरकार के गठन के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। जिले की 22 पंचायत समितियों और 597 ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।
मतदाता सीधे वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य का चुनाव करते हैं। इसके बाद संबंधित निर्वाचित सदस्य प्रधान, उपप्रधान, जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख के चुनाव में हिस्सा लेते हैं।
इस तरह पंचायत चुनाव केवल सरपंच के चुनाव तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनके जरिए गांव से लेकर जिला स्तर तक स्थानीय प्रतिनिधित्व की व्यवस्था तय होती है।
जयपुर के निकाय चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव
जयपुर में हाल ही में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी हुई है। आपकी Bulletino पर राजस्थान निकाय चुनाव 2026 की वोटिंग और रिजल्ट से जुड़ी पूरी खबर प्रकाशित की गई है। अब शहरी निकाय चुनाव के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
इसी तरह राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में मेयर, सभापति और अध्यक्ष चुनाव की खबर भी पढ़ी जा सकती है। पंचायत चुनाव ग्रामीण स्थानीय शासन से जुड़ा अगला बड़ा निर्वाचन चरण है।
चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित क्षेत्रों में चुनावी नियम लागू रहेंगे।
राजस्थान में इस बार पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव व्यापक स्तर पर कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। करीब 1.69 लाख पंचायतीराज प्रतिनिधियों के निर्वाचन की प्रक्रिया इस चुनाव के जरिए पूरी होगी।
जयपुर जिले के लिए खास बात यह है कि यहां 57 जिला परिषद सदस्य, 22 पंचायत समिति प्रधान, 386 पंचायत समिति सदस्य और 597 ग्राम पंचायतों के सरपंच-वार्ड पंच से जुड़ी चुनावी प्रक्रिया होगी।
अब उम्मीदवारों और ग्रामीण मतदाताओं की नजर संबंधित पंचायत समिति और ग्राम पंचायत के चरण, नामांकन कार्यक्रम और मतदान की तारीख पर रहेगी। चुनाव कार्यक्रम के अगले चरण में अलग-अलग क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि जयपुर जिले की कौन सी पंचायत समिति किस चरण में मतदान करेगी।
