नई दिल्ली: भारत में डिजिटल पेमेंट का तरीका जल्द ही एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ सकता है। National Payments Corporation of India (NPCI) अब ऐसे AI Agents के लिए एक Registry तैयार कर रहा है, जो यूजर की तरफ से UPI पर भुगतान कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य AI के जरिए होने वाले भुगतानों को सुरक्षित, प्रमाणित और नियंत्रित बनाना है।
क्या AI खुद करेगा UPI Payment?
अभी UPI Payment करने के लिए आमतौर पर यूजर को खुद ऐप खोलना, भुगतानकर्ता चुनना, राशि दर्ज करना और भुगतान को अधिकृत करना पड़ता है। लेकिन Agentic Payments की अवधारणा में AI Agent यूजर के निर्देश के आधार पर कुछ काम खुद कर सकता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई यूजर AI Agent को किसी नियमित खरीदारी या भुगतान को संभालने की अनुमति देता है, तो AI निर्धारित परिस्थितियों के अनुसार भुगतान शुरू कर सकता है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी AI बिना अनुमति आपके बैंक खाते से पैसे निकाल सकेगा। NPCI का प्रस्तावित Registry सिस्टम ऐसे AI Agents की पहचान और निगरानी में मदद करेगा।
NPCI क्यों बना रहा है AI Registry?
AI के जरिए होने वाले पेमेंट में सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा और भरोसे का है। अगर AI को भुगतान करने की अनुमति दी जाती है, तो यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि वह अधिकृत Agent ही हो और निर्धारित सीमाओं के भीतर काम करे।
Reuters के अनुसार, NPCI का Unified Agentic Protocol इसी दिशा में काम कर रहा है। प्रस्तावित Registry में स्वीकृत AI Agents की जानकारी रखी जा सकती है, जिससे उनके जरिए होने वाले transactions को verify और monitor किया जा सके।
शुरुआत छोटे भुगतानों से हो सकती है
इस व्यवस्था की शुरुआत छोटे और बार-बार होने वाले भुगतानों से होने की संभावना बताई गई है। उदाहरण के तौर पर रोजमर्रा की खरीदारी जैसे grocery payments को AI Agent संभाल सकता है।
NPCI ने 2026 में FiMI (Finance Model for India) नाम का payments-focused AI language model भी पेश किया है, जिसे भारतीय payment ecosystem की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
UPI में AI आने से क्या बदलेगा?
अगर Agentic Payments बड़े स्तर पर लागू होते हैं, तो भविष्य में यूजर को हर छोटे payment के लिए बार-बार manual steps करने की जरूरत कम हो सकती है।
AI आपके निर्देश और निर्धारित नियमों के आधार पर कुछ payments को automatically manage कर सकता है। इससे convenience बढ़ सकती है, लेकिन इसके साथ fraud prevention, user consent, transaction limits और liability जैसे सवाल भी महत्वपूर्ण होंगे।
NPCI का AI Registry इसी तरह के भरोसे और authentication framework को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
UPI का अगला दौर?
UPI पहले ही भारत के सबसे बड़े digital payment platforms में शामिल है। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में UPI पर करीब 24.51 अरब transactions हुए, जिनकी कुल value लगभग ₹29.82 लाख करोड़ रही।
ऐसे में अगर AI Agents को सुरक्षित तरीके से UPI ecosystem में शामिल किया जाता है, तो आने वाले समय में digital payments का अनुभव काफी बदल सकता है।