उदयपुर। राजस्थान के बहुचर्चित 2 करोड़ रुपए रिश्वत मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए आरोप सामने आ रहे हैं। अब इस मामले में SOG के एडिशनल SP मुकेश कुमार सोनी के रीडर जसवंत राव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि SOG कार्यालय में रीडर जसवंत राव ने उसकी पत्नी से SBI के खाली चेक पर हस्ताक्षर करवाए थे। दूसरी ओर, रीडर के गायब होने और मोबाइल बंद होने की बात भी सामने आ रही है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
यह पूरा मामला उदयपुर नगर निगम के 272 प्लॉट से जुड़े प्रकरण से संबंधित है। ACB ने पहले कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। इसके बाद SOG के ASP मुकेश कुमार सोनी को भी गिरफ्तार किया गया। ACB की जांच में अब जब्त दस्तावेजों, चेक, CCTV फुटेज और अन्य सामान को लेकर शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

शिकायतकर्ता ने रीडर पर लगाए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा की ओर से ACB को दी गई शिकायत में कहा गया कि 4 अगस्त 2026 को SOG ने उन्हें और उनकी पत्नी हेमलता कांकरिया को गिरफ्तार किया था। शिकायत के अनुसार, कार्रवाई के दौरान घर से सोने के जेवर, नकदी और जमीन से जुड़े दस्तावेज समेत कई सामान जब्त किए गए थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ सामान को जब्ती रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया। इसमें सोने की घड़ी, बैंगल और CCTV DVR का भी जिक्र किया गया है। इसके अलावा शिकायत में दावा किया गया कि SOG कार्यालय में रीडर जसवंत राव ने उनकी पत्नी से SBI के खाली चेक पर हस्ताक्षर करवाए थे।
इन आरोपों की जांच ACB कर रही है। अभी यह आरोप साबित नहीं हुए हैं और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि चेक किस उद्देश्य से लिए गए थे और उनका इस्तेमाल हुआ या नहीं।
2 करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप
इस मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन ने पहले एक करोड़ रुपए की मांग की थी। बाद में रकम बढ़ाकर दो करोड़ रुपए किए जाने की बात सामने आई।
शिकायत के अनुसार, रकम के बदले मामले में राहत दिलाने, आगे किसी दूसरे केस में आरोपी नहीं बनाने और कथित तौर पर जब्त किए गए सामान को वापस करने का भरोसा दिया गया था।
ACB की कार्रवाई में 27 सितंबर को सज्जन सिंह जैन को शिकायतकर्ता की फैक्ट्री में रिश्वत लेते पकड़ा गया। रिपोर्टों के अनुसार ट्रैप में 4 लाख रुपए वास्तविक और बाकी रकम डमी नोटों के रूप में रखी गई थी। इसके बाद SOG ASP मुकेश कुमार सोनी को भी गिरफ्तार किया गया।
ASP से भी जुड़ी जांच
ACB की जांच में शिकायतकर्ता और ASP के बीच कथित बातचीत का भी जिक्र सामने आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने रिश्वत की रकम कम करने की बात कही थी। आरोप है कि इसके बाद ASP ने अपने मोबाइल की स्क्रीन पर “2CR” लिखा था।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने ACB को बताया कि उसे कथित तौर पर “जो सज्जन कहेगा, वही करना” जैसे निर्देश दिए गए थे। इन दावों की पुष्टि के लिए ACB इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है।
रीडर के मोबाइल बंद होने की चर्चा
मामले में अब रीडर जसवंत राव को लेकर भी चर्चा है। दावा किया जा रहा है कि वह उपलब्ध नहीं है और उसका मोबाइल फोन बंद है। हालांकि, ताजा उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में रीडर के आधिकारिक तौर पर फरार या गायब घोषित किए जाने की पुष्टि नहीं मिली है।
इसलिए फिलहाल इसे जांच का विषय मानना ही उचित है। यदि ACB या पुलिस की ओर से रीडर की तलाश, पूछताछ या गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आती है, तो मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
272 प्लॉट घोटाले से जुड़ा है मामला
यह रिश्वत कांड उदयपुर नगर निगम के 272 प्लॉट से जुड़े पुराने प्रकरण की जांच के दौरान सामने आया है। इस मामले में आरोप है कि नगर निगम से जुड़ी जमीनों के दस्तावेज और लीज से संबंधित रिकॉर्ड में कथित तौर पर गड़बड़ी की गई थी।
SOG इस प्रकरण की जांच कर रही थी। शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी भी इसी जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए थे। बाद में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मामले में राहत और जब्त सामान वापस दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई।
ACB खंगाल रही दस्तावेज और CCTV
रिश्वत मामले की जांच में ACB की इंटेलिजेंस टीम कई तरह के साक्ष्यों की जांच कर रही है। इनमें शिकायतकर्ता से जुड़े दस्तावेज, कथित तौर पर जब्त किए गए सामान, CCTV फुटेज और मोबाइल फोन से जुड़ी जानकारी शामिल है।
जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि जिन दस्तावेजों और सामान को जब्त करने का दावा किया गया, वे आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज थे या नहीं। इसके साथ ही खाली चेक और चेकबुक से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, जांच टीम कथित रिश्वत मांगने से संबंधित बातचीत और घटनास्थल से जुड़े CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है।
ASP और बिचौलिए से पूछताछ जारी
ACB ने मामले में कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन और SOG ASP मुकेश कुमार सोनी को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, दोनों से पूछताछ की जा रही थी और अदालत ने ASP को 30 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा था।
पूछताछ में जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिश्वत की कथित मांग में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही, शिकायतकर्ता के घर से बरामद या कथित तौर पर लिए गए सामान और दस्तावेजों का रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा है।
ACB की कार्रवाई के बाद बढ़ी जांच
राजस्थान ACB की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 26 सितंबर को उदयपुर में 2 करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में दलाल को गिरफ्तार करने और SOG के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को डिटेन करने की कार्रवाई दर्ज की गई थी। ACB भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच और अभियोजन की जिम्मेदारी संभालती है।
अब मामले में सामने आए नए आरोप जांच को और विस्तृत कर सकते हैं। खासतौर पर खाली चेक, कथित तौर पर रिकॉर्ड में शामिल नहीं किए गए सामान और रीडर की भूमिका को लेकर जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मामले की मुख्य बातें
| मुद्दा | जानकारी |
|---|---|
| मामला | 2 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत |
| संबंधित अधिकारी | SOG ASP मुकेश कुमार सोनी |
| कथित बिचौलिया | सज्जन सिंह जैन |
| रीडर का नाम | जसवंत राव |
| शिकायतकर्ता | निरंजन मोगरा |
| मुख्य प्रकरण | उदयपुर नगर निगम के 272 प्लॉट |
| खाली चेक का आरोप | शिकायतकर्ता की पत्नी से SBI के खाली चेक पर हस्ताक्षर करवाने का दावा |
| जांच एजेंसी | राजस्थान ACB |
| ASP की स्थिति | गिरफ्तार, जांच/रिमांड की कार्रवाई |
| रीडर के गायब होने का दावा | स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं |
आगे क्या हो सकता है?
अब जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है। खाली चेक से संबंधित दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा और SOG के आधिकारिक रिकॉर्ड जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अगर रीडर जसवंत राव की भूमिका की पुष्टि होती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। वहीं, उनके गायब होने या मोबाइल बंद होने की बात की आधिकारिक पुष्टि होने पर पुलिस की ओर से उनकी तलाश या पूछताछ की कार्रवाई भी सामने आ सकती है।
फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों को जांचाधीन आरोप के तौर पर देखना जरूरी है। अदालत या जांच एजेंसी की अंतिम कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन आरोपों में तथ्यात्मक आधार पाया गया।

FAQ
2 करोड़ रुपए का रिश्वत मामला किससे जुड़ा है?
यह मामला उदयपुर नगर निगम के 272 प्लॉट से जुड़े प्रकरण की SOG जांच से जुड़ा है।
SOG ASP मुकेश कुमार सोनी पर क्या आरोप है?
ACB के अनुसार उन पर कथित तौर पर 2 करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग से जुड़े मामले में कार्रवाई हुई है। आरोप है कि रकम मामले में राहत और अन्य लाभ देने के बदले मांगी गई थी।
जसवंत राव कौन हैं?
शिकायत में जसवंत राव को SOG ASP का रीडर बताया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने उसकी पत्नी से खाली SBI चेक पर हस्ताक्षर करवाए थे।
क्या रीडर जसवंत राव सच में गायब हैं?
रीडर के गायब होने और मोबाइल बंद होने की बात सामने आई है, लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।
क्या खाली चेक का आरोप साबित हो चुका है?
नहीं। यह शिकायतकर्ता की ओर से लगाया गया आरोप है और इसकी जांच होना बाकी है।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
मामले में राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई और जांच चल रही है।
इसी तरह की और जानकारी पढ़ें:
Bulletino पर प्रकाशित [2 करोड़ रिश्वत मामले में ASP पर सोने की घड़ी और चूड़ियां रिकॉर्ड में नहीं दिखाने के आरोप] को भी पढ़ें।