नई दिल्ली, 23 सितंबर 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच मुलाकात को लेकर दुनिया की नजरें अमेरिका पर हैं। Xi Jinping 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर हैं। इस दौरे की शुरुआत ही एक असामान्य कूटनीतिक कदम से हो रही है—अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump खुद एयरपोर्ट पर Xi का स्वागत करेंगे।
आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशी नेताओं का स्वागत व्हाइट हाउस में करते हैं, जबकि एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए वरिष्ठ अधिकारी भेजे जाते हैं। Reuters और AP के मुताबिक ट्रंप का Joint Base Andrews पर खुद मौजूद रहना इसलिए खास है क्योंकि यह अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए सामान्य प्रोटोकॉल से अलग कदम है।

ट्रंप खुद एयरपोर्ट पर क्यों पहुंचेंगे?
Xi Jinping बुधवार को Joint Base Andrews पहुंचेंगे। यहां ट्रंप उनके विमान के पास जाकर उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद तीन दिनों तक कई औपचारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
यह स्वागत केवल औपचारिकता नहीं माना जा रहा है। अमेरिका और चीन दुनिया की दो बड़ी आर्थिक और सैन्य शक्तियां हैं और पिछले कुछ वर्षों में दोनों के बीच व्यापार, तकनीक, ताइवान और रणनीतिक संसाधनों को लेकर तनाव रहा है।
Reuters के अनुसार इस पूरे कार्यक्रम का एक उद्देश्य दोनों देशों के बीच स्थिरता का संदेश देना भी है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच सभी विवाद खत्म हो गए हैं।
तीन दिनों में क्या-क्या होगा?
Xi का अमेरिकी दौरा 23 से 25 सितंबर तक चलेगा।
पहला दिन: एयरपोर्ट पर स्वागत
23 सितंबर को Xi और उनकी पत्नी Peng Liyuan के अमेरिका पहुंचने पर ट्रंप एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करेंगे। यह इस दौरे का पहला बड़ा प्रोटोकॉल कार्यक्रम होगा।
दूसरा दिन: व्हाइट हाउस में भव्य कार्यक्रम
24 सितंबर को व्हाइट हाउस में Xi और Peng Liyuan के लिए औपचारिक स्वागत समारोह होगा। इसके बाद Rose Garden में सैन्य सम्मान कार्यक्रम और दोनों नेताओं के बीच महत्वपूर्ण बातचीत प्रस्तावित है।
इसी दिन शाम को व्हाइट हाउस में State Dinner भी होगा। इसमें अमेरिकी टेक इंडस्ट्री के कई बड़े नामों के शामिल होने की उम्मीद है। Reuters के अनुसार Apple के Tim Cook, Nvidia के Jensen Huang और OpenAI के Sam Altman जैसे टेक दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है।
तीसरा दिन: चाय और National Archives का दौरा
25 सितंबर को Xi और Peng Liyuan फिर व्हाइट हाउस जाएंगे। वहां ट्रंप और Melania Trump के साथ निजी चाय का कार्यक्रम है। इसके बाद दोनों को National Archives ले जाया जाएगा, जहां अमेरिका के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज रखे गए हैं।
अमेरिका चीन के साथ रिश्ते क्यों संभालना चाहता है?
इसे सिर्फ “चीन को खुश करने” के रूप में देखना पूरी तस्वीर नहीं बताता। अमेरिका और चीन के बीच कई ऐसे मुद्दे हैं जिनका सीधा असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक बाजारों पर पड़ता है।
1. व्यापार और टैरिफ
अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव लंबे समय से चल रहा है। दोनों देश कुछ गैर-संवेदनशील वस्तुओं पर टैरिफ कम करने और व्यापार को अधिक स्थिर बनाने के विकल्पों पर बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक कुछ उत्पादों पर सीमित टैरिफ राहत की संभावना पर चर्चा हुई है।
2. Rare Earth Minerals
Rare earth elements आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा तकनीक और रक्षा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण हैं। चीन इन खनिजों की वैश्विक सप्लाई में बड़ी भूमिका रखता है।
अमेरिका चाहता है कि इन रणनीतिक खनिजों की सप्लाई में स्थिरता बनी रहे। यह मुद्दा दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
3. AI की बढ़ती प्रतिस्पर्धा
Artificial Intelligence भी बातचीत के प्रमुख मुद्दों में है। अमेरिका और चीन दोनों AI के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा भी है।
हाल की बातचीत में अमेरिका और चीन के अधिकारियों ने AI से जुड़े जोखिमों पर संवाद बढ़ाने के विकल्पों पर चर्चा की है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने चीन के साथ AI incidents के लिए एक notification mechanism का प्रस्ताव भी रखा है।
4. Taiwan का मुद्दा
Taiwan दोनों देशों के बीच सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक है। चीन Taiwan को अपना हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका Taiwan को अपनी रक्षा क्षमता बनाए रखने के लिए हथियार उपलब्ध कराता है।
Reuters के मुताबिक Xi अमेरिकी यात्रा के दौरान Taiwan को हथियारों की बिक्री रोकने से जुड़ी चीन की मांग उठा सकते हैं। यह मुद्दा दोनों नेताओं के बीच बातचीत का संवेदनशील हिस्सा हो सकता है।
क्या ट्रंप चीन के प्रति नरम रुख अपना रहे हैं?
ट्रंप का एयरपोर्ट पर खुद Xi का स्वागत करना और तीन दिनों के दौरान इतने बड़े स्तर के राजकीय कार्यक्रम आयोजित करना निश्चित रूप से उच्च स्तर की कूटनीतिक अहमियत दिखाता है।
लेकिन इसे सीधे “अमेरिका चीन को appease कर रहा है” कहना एक राजनीतिक व्याख्या होगी। दूसरी ओर, अमेरिका अभी भी चीन के साथ AI, तकनीक, Taiwan, rare earths और व्यापार जैसे मुद्दों पर अपने हितों को लेकर बातचीत कर रहा है।
AP की रिपोर्ट के अनुसार इस दौरे में दोनों देशों के बीच प्रमुख मुद्दों पर किसी बड़े breakthrough की उम्मीद सीमित है। इसलिए भव्य स्वागत और वास्तविक नीति वार्ता—दोनों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

दुनिया की नजर इस मुलाकात पर क्यों?
अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। दोनों देश वैश्विक व्यापार, तकनीक, AI, सप्लाई चेन और रणनीतिक संसाधनों में बड़ी भूमिका रखते हैं।
इसलिए Xi के तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे में होने वाली बातचीत से यह संकेत मिल सकता है कि दोनों देश आने वाले महीनों में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ किन क्षेत्रों में सहयोग या तनाव कम करने की कोशिश करेंगे।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या तीन दिन की भव्य कूटनीति के बाद व्यापार, AI, rare earths और Taiwan जैसे वास्तविक विवादित मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति होती है या नहीं।