15 गेंदों में 3 विकेट और एक भी रन नहीं!राजस्थान के लाल ने इंग्लैंड में रचा इतिहास,मानव सुथार!

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने इंग्लैंड की काउंटी चैंपियनशिप में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वारविकशायर की ओर से खेलते हुए सुथार ने ग्लेमॉर्गन के खिलाफ महज 15 गेंदों में 3 विकेट हासिल किए और एक भी रन नहीं दिया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के 131 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

15 गेंद, 3 विकेट और एक भी रन नहीं

कार्डिफ के Sophia Gardens में खेले गए County Championship मुकाबले में वारविकशायर ने ग्लेमॉर्गन को पूरी तरह दबाव में रखा। ग्लेमॉर्गन की पहली पारी केवल 69 रन पर सिमट गई, जबकि दूसरी पारी में टीम 65 रन ही बना सकी।

मानव सुथार ने दोनों पारियों में कुल 15 गेंदें फेंकीं और इनमें एक भी रन नहीं दिया। पहली पारी में उन्होंने मीर हमजा को आउट करके ग्लेमॉर्गन की पारी समाप्त की, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने क्रिस कुक और जेमी मैकइलरॉय के विकेट हासिल किए।

131 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी

सुथार का यह प्रदर्शन इसलिए खास है क्योंकि फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में इतने कम गेंदों में बिना रन दिए तीन विकेट लेने का रिकॉर्ड बेहद दुर्लभ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने 1895 के बाद पहली बार इस उपलब्धि की बराबरी की है।

यानी 131 साल बाद किसी गेंदबाज ने फिर से ऐसा प्रदर्शन दोहराया है। राजस्थान से आने वाले सुथार के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह हाल के समय में भारतीय क्रिकेट में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं।

वारविकशायर की धमाकेदार जीत

इस मुकाबले में वारविकशायर ने ग्लेमॉर्गन को एक पारी और 257 रन से करारी शिकस्त दी। ग्लेमॉर्गन की दोनों पारियां क्रमशः 69 और 65 रन पर खत्म हुईं, जबकि वारविकशायर ने पहली पारी में 391 रन बनाए थे।

हालांकि वारविकशायर के तेज गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन सुथार की 15 गेंदों में तीन विकेट और शून्य रन वाली गेंदबाजी ने मुकाबले में एक अलग ही रिकॉर्ड कायम कर दिया।

भारत के लिए क्यों खास है यह प्रदर्शन?

मानव सुथार के लिए यह साल बेहद महत्वपूर्ण रहा है। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में शानदार शुरुआत करने के बाद उन्होंने काउंटी क्रिकेट में भी अपनी उपयोगिता साबित की है। वारविकशायर के लिए खेलते हुए वह लगातार प्रभाव छोड़ रहे हैं।

उनकी गेंदबाजी में सबसे बड़ी खासियत किफायती गेंदबाजी के साथ विकेट निकालने की क्षमता है। काउंटी क्रिकेट जैसे कठिन वातावरण में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना उनके भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

राजस्थान से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने वाले मानव सुथार ने एक बार फिर साबित किया है कि राज्य की प्रतिभाएं बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ सकती हैं। इंग्लैंड की धरती पर 131 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी करने वाला यह प्रदर्शन निश्चित तौर पर उनके क्रिकेट करियर की यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

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