राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, व्यापम से लेकर पेपर लीक तक का किया जिक्र

इंदौर: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा और रोजगार व्यवस्था से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़ी समस्याओं का जिक्र करते हुए परीक्षा व्यवस्था, भर्ती, शिक्षा की लागत और मध्य प्रदेश के पुराने व्यापम मामले को लेकर सवाल उठाए।

मध्य प्रदेश को बताया शिक्षा व्यवस्था की ‘लेबोरेटरी’

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश को बीजेपी की “सच्ची लेबोरेटरी” बताते हुए शिक्षा और भर्ती व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने स्कूल यूनिफॉर्म, मिड-डे मील और बच्चों से जुड़े सरकारी खर्च को लेकर भी आरोप लगाए।

हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता। मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों के लिए यूनिफॉर्म योजना को लेकर इस साल टेंडर विवाद और कानूनी अड़चन की रिपोर्ट सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 52 लाख सरकारी स्कूल छात्र मुफ्त यूनिफॉर्म का इंतजार कर रहे थे और योजना के लिए करीब 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।

मिड-डे मील यानी PM POSHAN व्यवस्था के तहत मध्य प्रदेश सरकार के रिकॉर्ड में भोजन वितरण और निगरानी के लिए ऑनलाइन रिपोर्टिंग सिस्टम भी मौजूद है।

व्यापम मामले का भी किया जिक्र

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में व्यापम घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया और इससे जुड़े लोगों की मौतें हुईं।

व्यापम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में संबंधित मामलों और मौतों की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया था। उस समय करीब 40 मौतों से जुड़े मामले भी जांच के दायरे में थे।

हालांकि, बाद की CBI जांच में जांच के लिए भेजे गए 24 मौतों के मामलों में कई मौतों को प्राकृतिक कारण, दुर्घटना या आत्महत्या से जुड़ा पाया गया था और सभी मौतों को किसी साजिश से जोड़ने का निष्कर्ष नहीं निकला।

मेडिकल एडमिशन और भर्ती पर भी सवाल

राहुल गांधी ने मेडिकल सीटों और सरकारी नौकरियों में कथित भ्रष्टाचार का भी जिक्र किया। व्यापम मामले में मेडिकल प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों की जांच लंबे समय तक CBI और अदालतों के स्तर पर चली है। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में ऐसे 634 मेडिकल छात्रों का मामला भी सामने आया था जिन पर अवैध तरीके से प्रवेश पाने के आरोप लगे थे।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में पटवारी भर्ती में 15 लाख रुपये की कथित रिश्वत का भी उल्लेख किया। इस तरह के विशिष्ट आरोपों को संबंधित FIR, जांच रिपोर्ट या अदालत के रिकॉर्ड से स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए बिना तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

‘छात्रों को सवाल पूछने की आजादी चाहिए’

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ छात्रों की स्वतंत्र सोच और सवाल पूछने के अधिकार पर भी जोर दिया। उन्होंने RSS और शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक आरोप लगाए और कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने तथा सवाल पूछने की आजादी मिलनी चाहिए।

‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत राहुल गांधी छात्रों से शिक्षा, परीक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़ी समस्याओं पर सीधे बात कर रहे हैं। कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक इस अभियान में पेपर लीक, रोजगार की कमी और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को प्रमुख मुद्दों के रूप में रखा गया है।

इंदौर कार्यक्रम इस अभियान का पांचवां कार्यक्रम है। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।

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