अलवर। अलवर नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब शहर की नजर महापौर चुनाव पर टिक गई है। 65 वार्डों वाले अलवर नगर निगम में किसी भी दल को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला। चुनाव परिणाम में भाजपा को 28 वार्ड, कांग्रेस को 23, निर्दलीयों को 13 और बसपा को 1 वार्ड मिला। बहुमत के लिए 33 पार्षदों की जरूरत है।
🗳️ मेयर पद के लिए दो प्रमुख उम्मीदवार
सुमन लता अग्रवाल खुद अलवर नगर निगम के वार्ड 7 से भाजपा की पार्षद निर्वाचित हुई हैं। उन्हें वार्ड में 1,225 वोट मिले और उन्होंने 659 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।
वहीं कमलेश शर्मा वार्ड 39 से कांग्रेस के पार्षद चुने गए हैं। उपलब्ध चुनाव परिणामों में उन्हें 1,811 वोट मिले थे।
🔢 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण
चुनाव परिणाम में भाजपा और कांग्रेस दोनों बहुमत के 33 के आंकड़े से नीचे हैं। इसलिए निर्दलीय पार्षदों और अन्य पार्षदों का समर्थन मेयर चुनाव के समीकरण में महत्वपूर्ण है।
16 सितंबर को भाजपा की ओर से दावा किया गया कि 9 निर्दलीय पार्षदों ने पार्टी को समर्थन दिया है। यह भाजपा का दावा है; इसे मेयर चुनाव का अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता।
📅 कब होगा मेयर का चुनाव?
राजस्थान के नगरीय निकायों में मेयर/सभापति/अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच, 18 सितंबर को नाम वापसी और 21 सितंबर को मतदान निर्धारित है। उप महापौर का चुनाव 22 सितंबर को होगा।
अब अलवर में मेयर पद के लिए सुमन लता अग्रवाल और कमलेश शर्मा के बीच मुकाबला है और 21 सितंबर को होने वाला मतदान नगर निगम के अगले नेतृत्व की तस्वीर साफ करेगा।