जोधपुर। राजस्थान के निकाय चुनाव 2026 में जोधपुर नगर निगम का चुनाव सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले मुकाबलों में शामिल रहा। 100 वार्डों वाले जोधपुर नगर निगम में BJP और कांग्रेस के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। दोनों प्रमुख पार्टियों ने 44-44 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि बाकी सीटों पर निर्दलीय और अन्य उम्मीदवार विजयी रहे।
किसी भी पार्टी को नहीं मिला स्पष्ट बहुमत
जोधपुर नगर निगम में कुल 100 पार्षद हैं। ऐसे में सामान्य बहुमत के लिए 51 पार्षदों का समर्थन जरूरी होगा। BJP और कांग्रेस दोनों 44-44 सीटों पर रुक गई हैं। इसका मतलब है कि कोई भी पार्टी अकेले बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई।
यही वजह है कि अब जोधपुर की राजनीति में निर्दलीय और अन्य दलों से जीतकर आए पार्षद बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं। बोर्ड बनाने और मेयर चुनाव में इन पार्षदों का समर्थन निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

मेयर की कुर्सी के लिए बढ़ी हलचल
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब जोधपुर में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगला मेयर किस पार्टी का होगा?
BJP और कांग्रेस दोनों के पास 44-44 पार्षद हैं। ऐसे में दोनों दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होना तय माना जा रहा है। मेयर चुनाव में क्रॉस-वोटिंग और निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की भूमिका बेहद अहम हो सकती है।
राजस्थान में नगरीय निकायों के प्रमुख पदों के चुनाव 21 सितंबर 2026 को होने हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में जोधपुर के पार्षदों को लेकर दोनों दल अपनी रणनीति मजबूत कर सकते हैं।
11 सितंबर को हुआ था मतदान
जोधपुर नगर निगम के सभी 100 वार्डों में 11 सितंबर 2026 को मतदान कराया गया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां करीब 71.95 प्रतिशत मतदान हुआ। कुल 7,12,164 मतदाताओं में से 5,12,410 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
मतदान के बाद 14 सितंबर को मतगणना शुरू हुई और अलग-अलग वार्डों के परिणाम सामने आते गए। शुरुआत से ही BJP और कांग्रेस के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा।
जोधपुर में स्थानीय मुद्दों का रहा असर
नगर निगम चुनाव में स्थानीय समस्याएं हमेशा महत्वपूर्ण रहती हैं। जोधपुर में भी सड़क, सफाई, सीवरेज, पेयजल, ट्रैफिक, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट और शहर के विस्तार जैसे मुद्दे चुनावी चर्चा में रहे।
शहर के अलग-अलग वार्डों में उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ और स्थानीय छवि ने भी चुनाव परिणाम को प्रभावित किया। यही वजह है कि 100 वार्डों के परिणाम में BJP और कांग्रेस दोनों को बराबर सीटें मिलीं।
BJP के लिए भी चुनौती, कांग्रेस के लिए भी मौका
BJP के लिए 44 वार्डों की जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन पार्टी बहुमत से सात सीट दूर रह गई। वहीं कांग्रेस ने भी 44 वार्ड जीतकर BJP को कड़ी चुनौती दी है।
अब दोनों पार्टियों के सामने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती होगी। आने वाले दिनों में कौन सा दल निर्दलीय पार्षदों और अन्य विजेताओं का समर्थन हासिल करता है, यही जोधपुर नगर निगम के अगले बोर्ड की दिशा तय कर सकता है।

राजस्थान के निकाय चुनाव में जोधपुर क्यों खास?
राजस्थान के 309 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव में करीब 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव हुआ। मतदान 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में कराया गया और 14 सितंबर को मतगणना हुई।
इन चुनावों में जोधपुर का परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां BJP और कांग्रेस दोनों बराबरी पर रहीं। जहां उदयपुर में BJP ने 53 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, वहीं जोधपुर में दोनों पार्टियों के बीच मुकाबला बराबरी का रहा।
अब किसके हाथ में होगी जोधपुर की सत्ता?
जोधपुर का चुनाव परिणाम आने के बाद अब पूरा ध्यान मेयर चुनाव और बोर्ड गठन पर है। BJP और कांग्रेस दोनों के पास 44-44 पार्षद होने के कारण मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
अगर निर्दलीय और अन्य पार्षद किसी एक पार्टी के साथ जाते हैं तो उस पार्टी की स्थिति मजबूत हो सकती है। इसलिए अगले कुछ दिन जोधपुर की स्थानीय राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।